बर्बरता की अवस्था - state of barbarism

बर्बरता की अवस्था - state of barbarism


पशुपालन और कृषि इस अवस्था के लक्षण हैं। इसे भी मॉर्गन ने निम्न, मध्यम और उन्नत इन तीन चरणों में बांटा है।


1. निम्न चरण : मिट्टी के बर्तन बनाकर मानव ने इस चरण में प्रवेश किया। एंगेल्स ने लिखा है कि यहीं तक मानव विकास का क्रम सब जगह एक-सा रहा है। लेकिन, बर्बर अवस्था में पहुँचने पर पूर्वी और पश्चिमी गोलार्थों की प्राकृतिक परिस्थितियों का अंतर अपना प्रभाव दिखाने लगता है।


2. मध्यम चरण पूर्वी गोलार्ध में यह चरण पशुपालन से और पश्चिमी गोलार्ध में से कुछ खाद्यान्नों की खेती से शुरू हुआ। यह खेती बागवानी के स्तर से ज्यादा ऊपर नहीं उठ पाई थी। 


3. उन्नत चरण : लौह खनिज को गलाकर लोहा प्राप्त करने की कला में दक्ष होने के साथ मानव ने इस चरण में प्रवेश किया। लोहे के हल के इस्तेमाल ने ज़मीन की जुताई को संभव किया तो बड़े पैमाने पर खेती करना संभव हुआ।


यह तो हुई आजीविका के साधनों के स्तर पर हुए विकास क्रम की संक्षिप्त रूप-रेखा। आइए अब हम यह देखें कि परिवार और संपत्ति के विकास क्रम के बारे में मॉर्गन के क्या विचार थे। कारण, एंगेल्स ने स्त्री अधीनता को इसी के साथ जोड़कर देखा है।