तथ्यों का संख्यिकीय विश्लेषण - statistical analysis of facts

  तथ्यों का संख्यिकीय विश्लेषण - statistical analysis of facts


शोध का यह भी एक महत्वपूर्ण चरण है। वास्तविकता तो यह है कि वर्तमान समय में सांख्यिकीय विश्लेषण के बिना कोई भी शोध कार्य कठिनता से ही पूरा किया जा सकता है। शोध के दौरान एक अध्ययनकर्ता को अनेक ऐसे तथ्य प्राप्त होते हैं जिनकी केंद्रीय प्रवृत्ति को ज्ञात करना, विभिन्न तथ्यों के तुलनात्मक महत्व को देखना तथा तथ्यों के बीच सहसंबंध को स्पष्ट करना आवश्यक होता है। के इस कार्य के लिए माध्य, मध्यांक, बहुलक, मानक विचलन तथा सहसंबंध आदि अनेक सांख्यिकीय विधियां हैं जिनकी सहायता से तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण किया जा सकता है। ऐसे विश्लेषण से न केवल तथ्यों को बहुत संक्षिप्त एवं सरल रूप से प्रस्तुत करना संभव हो जाता है बल्कि सांख्यिकीय विश्लेषण पर आधारित निष्कर्षों को भी अधिक प्रमाणिक माना जाता है। यही कारण है कि तथ्यों की वास्तविक विवेचना करने से पूर्व उनका सांख्यिकीय विश्लेषण करना आवश्यक होता है।