शोधार्थी के अध्ययन विषय से संबंधित गुण - Study Topic Related Quality of Scholar

 शोधार्थी के अध्ययन विषय से संबंधित गुण - Study Topic Related Quality of Scholar


उपरोक्त गुणों के अतिरिक्त शोधकर्ता में अध्ययन विषय से संबंधित कुछ गुणों का होना भी आवश्यक है जो निम्न प्रकार है -


(A) विषय में रुचि :


शोधकर्ता को अपने कार्य में तभी सफलता मिल सकती है, जबकि अध्ययन विषय में उसका व्यक्तिगत रूप से गहरा लगाव हो। विषय में लगाव स्वाभाविक रूप से शोधकर्ता को अपने अध्ययन के प्रति लगन और अथक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। जिससे समस्या के प्रति रुचि पैदा होती है

और उसे समझने में भी सरलता रहती है। साथ ही साथ अध्ययन मुश्किल होने पर भी शोधकर्ता का उसमें गहरा आंतरिक लगाव होने के कारण उसे सफल करने हेतु अत्यधिक मेहनत मशक्कत करने की दिशा में प्रेरित होता है और हर समस्या का सामना साहस के साथ करता है। 

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(B) विषय में निपुणता :


शोधकर्ता का संबंधित विषय पर अधिकृत ज्ञान होना चाहिए। जिसके लिए संबंधित साहित्य का गहन अध्ययन करना चाहिए। शोध की कामयाबी के लिए यह जरूरी है कि जिस संबंध में समस्या का शोधकर्ता शोध कर रहा है उसके संबंध में उसे पूर्ण ज्ञान हो अन्यथा उसके द्वारा संकलित तथ्य अपूर्ण, दोष युक्त एवं अनुपयोगी हो सकते हैं।

विषय के संबंध में ज्ञान प्राप्त करने के लिए उस विषय से संबंधित उपलब्ध जानकारी चाहे वह रिपोर्ट, पुस्तक, मैगजीन, सीडी, इंटरनेट या अन्य प्रकाशित साहित्य का गहन अध्ययन कर लेना शोधकर्ता के लिए आवश्यक है। 


(C) समस्या पर एकाग्रता :


सामाजिक जीवन के विभिन्न पक्ष परस्पर इतने उलझे हुए हैं कि निर्धारित समस्या से विचलित हो जाने की संभावना बहुत रहती है। अतः शोधकर्ता का प्रतिक्षण निर्वाचित समस्या पर ध्यान केंद्रित रखना आवश्यक है। इस गुण के अभाव में अनावश्यक सामग्री एकत्रित हो जाती है जिसमें व्यर्थ समय और श्रम नष्ट होते हैं।