तत्कालीन बौद्धिक पृष्ठभूमि - then intellectual background
तत्कालीन बौद्धिक पृष्ठभूमि - then intellectual background
मर्टन ने अपने बौद्धिक विकास के संबंध में लिखा, जिसे जार्ज रीजर ने अपनी पुस्तक (Sociological Theory) में उद्धृत किया, स्नातक स्तर पर पी.ए. सोरोकिन ने उन्हें प्रभावित किया।
मर्टन दर्शनशास्त्र छोड़कर समाजशास्त्र में आ गए इसलिए टेंपलटन के जार्ज जिसपसन ने उन्हें अधिक प्रभावित किया। आगे चलकर मर्टन एक अन्य शिक्षक बॉब सिंपसन के अनुसंधान सहायक हुए और उनसे अनुसंधान की शैली सीखी।
हावर्ड में मर्टन सोरोकिन के छात्र थे। मर्टन ने लिखा अनेक विद्यार्थी सोरोकिन के विचित्र व्यवहार के कारण, सोरोकिन से अलग हो गए, किंतु मर्टन नहीं हो सके। मर्टन सोरोकिन के समान दृष्टि विकसित नहीं कर सके। सोरोकिन की प्रमुख पुस्तक (Sociocultural Dynamics) जो चार भागों में प्रकाशित हुई. उसकी सबसे अधिक सामग्री मर्टन ने ही जुटाई। हार्वड विश्वविद्यालय में मर्टन को पारसन्स ने बहुत अधिक प्रभावित किया.
कभी-कभी ऐसा प्रतीत होता है कि इनका आपसी संबंध प्रेम और घृणा दोनों का था। सोरोकिन व पारसन्स दोनों की तुलना में मर्टन सोरोकिन के अधिक करीब थे, परंतु सैद्धांतिक दृष्टि के आधार पर देखा जाए तो मर्टन पारसन्स के अधिक करीब थे।
पारसन्स की तरह मर्टन ने भी संरचना प्रकार्यवाद के विश्लेषण को अपनाया। पारसन्स के साथ मिलकर उन्होंने कुछ लिखा नहीं, मर्टन ने पारसन्स के व्यापक, अमूर्त सामान्य सिद्धांत की काफी आलोचना की।
मर्टन ने लिखा कि एमिल दुर्खीम से उन्होंने समाजशास्त्र की दृष्टि विकसित की। एक समय मर्टन ने इनकी अनुपस्थिति में इनको अपना गुरु घोषित किया। मर्टन एन. एस. निस्बेट से काफी प्रभावित थे, उनके साथ मिलकर उन्होंने (Social Problems ) नामक पुस्तक का संपादन किया। मर्टन ने लिखा कि 1950 के दशक में उन्होंने चिकित्सा शिक्षा का व्यापक सर्वेक्षण पैट्रीशिया केंडाल और एलिस रोसी के साथ मिलकर किया। 1956 में उन्होंने अमेरिकी समाज पर जनसंचार के साधनों और विशेष रूप से टेलीविजन के प्रभाव का आकलन करने की एक परियोजना सौंपी गई। अनेक सहयोगियों के साथ मिलकर उन्होंने इस परियोजना को पूरा किया।
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