नृजाति अध्ययन के प्रकार - Types of Ethnology Studies
नृजाति अध्ययन के प्रकार - Types of Ethnology Studies
1. Auto Ethnography
2. Applied Ethnography
3. Universal Ethnography
नृजातीय अध्ययन में सिद्धांत का निर्माण एवं आंकड़ों का संकलन समूह का सांकेतिक अर्थ-
गुणात्मक शोध में नृजातीय अध्ययन की सबसे मुख्य बात यह है कि अध्ययनकर्ता दुनिया को अध्येता की दृष्टि से देखता है अर्थात शोधकर्ता जो समूह का अध्ययन कर रहा होता है उनको उन्हीं के नजरिए से देखने का प्रयास करता है। समूह के संकेतों और उनके अर्थों को सामाजिक संबंधों से जोड़ता है।
क्योंकि अलग-अलग संस्कृतियों के अलग-अलग संकेत होते हैं और उनका सीधा संबंध समाज से होता है। अध्ययनकरता समूह से जो भी दस्तावेज प्राप्त करता है उसे सुरक्षित रखता है। इस विधि से सिद्धांत की रचना करते समय सभी प्रकार के प्रक्रिया और उसे समय-समय पर परिवर्तन को भी परखना पड़ेगा।
विज्ञान का अंतिम लक्ष्य कार्य एवं कारण के मध्य संबंध स्थापित करना होता है लेकिन यहां पर कुछ भिन्न है क्योंकि इसमें कारण प्रभाव अस्पष्ट होता है इसलिए कहीं-कहीं पर कारण स्वयं प्रभाव और प्रभाव स्वयं कारण बन जाता है अर्थात कभी-कभी संस्कृति व्यक्ति को प्रभावित करती है और कभी-कभी व्यक्ति से संस्कृति प्रभावित होती है। अर्थात कारण एवं प्रभाव एक दूसरे के पूरक हैं।
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