बौद्ध कालीन शिक्षा की वर्तमान शिक्षा प्रणाली में उपादेयता - Utility in the present education system of Buddhist period education
बौद्ध कालीन शिक्षा की वर्तमान शिक्षा प्रणाली में उपादेयता - Utility in the present education system of Buddhist period education
बौद्ध शिक्षा से नैतिक चरित्र का विकास व्यक्तित्व का विकास जीविका की तैयारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली में भी प्रासंगिक है। बौद्ध शिक्षा प्रणाली दस सिक्खा परानि अर्थात दस पद आज भी पूर्णतया उपयोगी तथा सार्थक है इन दस आदेशों का छात्रों के द्वारा यदि पालन किया जायेगा तो वर्तमान समय के साम्प्रादायिक, वातावरण, भष्ट आचरण, मादक पदार्थों का प्रचलन, झूठ बोलना, दूसरों की निन्दा करना, आदि का स्वतः ही निर्वारण हो जायेगा। बौद्ध काल में प्रचलित छात्र अध्यापक संबंधों को यदि पुनर्जीवित किया जाये तो वर्तमान शिक्षा संस्थाओं में दिन-प्रतिदिन होने वाली हड़ताल बन्द उपद्रव अध्यापकों के साथ अभ्रदता छात्र दंगे आदि स्वतः ही बंद हो जायेगे।
बौद्ध कालीन शिक्षा की निम्नलिखित विशेषताएं आधुनिक शिक्षा प्रणाली में सम्मलित की जा सकती है
1. शिक्षा संस्थाओं का प्रजातन्त्रिक संगठन
2. छात्रों तथा अध्यापकों का सरल जीवन
3. शान्ति एवं अंहिसा का अनुसरण
4. जन सामान्य की शिक्षा
5. आत्म निरीक्षण की स्वदोष अनुभूति
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