वर्ण, जाति एवं वर्ग में भेद - varna, caste and class distinction

वर्ण, जाति एवं वर्ग में भेद - varna, caste and class distinction


वर्ण और वर्ग- इसमें पाए जाने वाले अंतर निम्न है


→ वर्ण सामाजिक अवधारणा है. वर्ग आर्थिक अवधारणा है।


→वर्ण व्यवस्था व्यक्ति के गुण व कर्म को प्राथमिकता प्रदान की जाती है जबकि वर्ग व्यक्ति में के आर्थिक आधार एवं संपत्ति पर आधारित होते हैं।


→ व्यवसाय संबंधी स्वतंत्रता नहीं है जबकि वर्ग में स्वतंत्रता अधिक है।


→ वर्ण व्यवस्था की सदस्यता गुण व कर्म पर आधारित होने के बावजूद भी एक बार पहुंचना बहुत कठिन था जबकि वर्ण की सदस्यता पूरी तरह अर्जित है तथा वर्ग बदलना वर्ण की अपेक्षा सरल प्रक्रिया है।


→ वर्ण व्यवस्था में कर्तव्य निर्धारित होने के कारण सामाजिक संघर्ष की संभावना नहीं रहती है जबकि वर्ग व्यवस्था में विभेदीकरण की प्रक्रिया एवं सामाजिक संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। 


→ वर्ण व्यवस्था में सैद्धांतिक रूप से अनेक प्रतिबंध जबकि वर्ण व्यवस्था का सैद्धांतिक स्वरूप अत्यंत ही कल्याणकारी तथा उदार है।


→ व्यवहारिक रूप से वर्ण व्यवस्था जन्म पर आधारित रही है जबकि वर्ग व्यवस्था पूर्णता अर्जित है।


→ वर्ण व्यवस्था, विवाह, भोजन आदि के निश्चित नियमों पर आधारित था इन नियमों का कठोरता से पालन किया जाता था इसके विपरीत वर्ग व्यवस्था में उपयुक्त नियम इतने कठोर नहीं हैं।


→ वर्ण व्यवस्था प्राचीन सामाजिक व्यवस्था है जबकि वर्ग व्यवस्था आधुनिक ।