विद्यालय बजट और भौतिक संसाधन(2) - school budget and material resources

वद्यालय बजट और भौतिक संसाधन(2) - school budget and material resources

प्रस्तुतीकरण एवं स्वीकृति (Presentation and Permission)


बजट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श करके स्वीकृत कर लिया जाता है जब बजट में कम से कम परिवर्तनों की आवश्यकता होती हो तो उसे अच्छा बजट समझा जाएगा। विद्यालय का स्वयं बनाया हुआ बजट उसके कार्यकारणी परिषद तथा आम सभा के सम्मुख प्रस्तुत किया जाता है, उसके बाद उसे पारित किया जाता है।


बजट का प्रशासन (Administration of Budget)


बजट के स्वीकृति के पश्चात विद्यालय को वापिस भेज दिया जाता है। स्वीकृत बजट के अनुसार ही विद्यालय व्यय करते है। विद्यालय यदि बड़ा है तो लेखा अधिकारी की सहायता से अथवा एक लेखा लिपिक की सहायता से कार्य करता है।


बजट परिपालन (Budget Continue Process)


बजट के परिपालन में इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।


१) यह स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया जाना चाहिये कि विद्यालय के आय तथा व्यय पर किसका नियंत्रण रहेगा।


(२) उपर्युक्त दायित्व का निर्धारण हो जाने पर आय-व्यय का नियंत्रण नियम के अनुसार ही चलना चाहिए। ३) प्रधानाध्यापक तथा विद्यालय व्यवस्थापक को बीच-बीच में इन बातों की जाँच करते रहना चाहिए कि अनुमानित आय प्राप्त हो रही है और उस आय के अनुरूप ही व्यय किया जा रहा है।


४) कभी कभी आय-व्यय में कुछ परिवर्तन करना पड़ता है। अत एक प्रबंध समिति द्वारा यह पहले से ही निर्धारित हो जाना चाहिए कि आय-व्यय में अपेक्षित परिवर्तन किस विधि से किया जाए?


लेखा संचालन (Record)


जो वित्तीय रजिस्टर विद्यालयों में रखे जाने चाहिए वे निम्नलिखित है


१) वेतन-अदायगी रजिस्टर २) आकस्मिक खर्च रजिस्टर


(३) आकस्मिक आदेश पुस्तिका


४) कैश बुक (रोकड़ बही)। ५) लेजर पुस्तिका (खतौनी)।


६) शुल्क रजिस्टर


(७) संकलित शुल्क रजिस्टर ८) विद्यार्थी फण्ड रजिस्टर ९) दान रजिस्टर


१०) अनुदान रजिस्टर


११) छात्रवृत्ति रजिस्टर


१२) बिलों का रजिस्टर।


लेखा संचालन के रखरखाव का समय


१) निरंतर लेखा संचालन।


(२) १५ वर्ष के लिये।


(३) ५ वर्ष के लिये।


(४) ३ वर्ष के लिये।


५) १८ महिने के लिये।


उपकरण संबंधी निम्न प्रकार के रजिस्टरों का रखना आवश्यक है


१) संपत्ति रजिस्टर (२) पुस्तकालय रजिस्टर ३) पुस्तक आगमन रजिस्टर ४) पुस्तकालय निकासी रजिस्टर ५) क्रीड़ा रजिस्टर


(६) स्टेशनरी स्टॉक रजिस्टर ७) स्टेशनरी निकासी रजिस्टर ८) विद्यालय पत्रिका रजिस्टर ९) शिल्प संरक्षण एवं निर्गमन रजिस्टर


विद्यालय के प्रकार के अनुसार विद्यालय का वित्त एवं बजट -


१) केंद्र सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों को वित्तीय स्थिति इस प्रकार के विद्यालयों के समक्ष वित्त की कोई समस्या नहीं होती है क्योंकि केंद्र सरकार इन्हें आदर्श विद्यालयों के रूप में चलाना चाहती है।


(२) राज्य सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों की वित्तीय स्थिति: प्रत्येक राज्य सरकार अपने ही माध्यमिक विद्यालय संचालित करती है। इन राजकीय विद्यालयों के सामने वित्त की समस्या बिल्कुल भी नहीं होती।


(३) नगरपालिका, नगर निगम एवं अन्य स्थानीय संघटकों द्वारा संचालित विद्यालयों की वित्तीय स्थिति:- माध्यमिक विद्यालय नगर पालिकाओं, जिला परिषद तथा


पंचायतों के द्वारा संचालित किए जाते है। इनकी भी वित्तीय स्थिति संतोषजनक है। (४) निजी स्तर पर संचालित विद्यालयों की वित्तीय स्थिति निजी स्तर पर संचालित विद्यालय को भी वित्त की समस्या नहीं होती क्योंकि ये अत्यधिक शुल्क लेते है।