संचयित रिकार्ड , निर्देशन में संचयित आलेख पत्र का महत्व - Accumulated Record, Importance of Accumulated Graphs in Guidance

 संचयित रिकार्ड , निर्देशन में संचयित आलेख पत्र का महत्व - Accumulated Record, Importance of Accumulated Graphs in Guidance

विद्यार्थियों को उचित निर्देशन व परामर्श देने हेतु विद्यार्थी से सम्बिन्धित सभी पक्षों की सूचनाओं का संकलन आवश्यक है इन सूचनाओं को एक ही पत्र या फाइल में रखे जाने से विद्यार्थी के बारे में समस्त जानकारी प्राप्त हो जाती है। इन्हीं पत्रों को संचयित रिकार्ड या संकलित आलेख पत्र कहते हैं। मेंहदी के अनुसार, "संचित आलेख पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें किसी व्यिक्त के बारे में पूर्ण और विकसित होते हुए चित्र के प्रस्तुतीकरण के लिए सम्बन्धित सूचनाएँ संचित रूप में रिकार्ड की जाती हैं।


निर्देशन में संचयित आलेख पत्र का महत्व : निर्देशन में संचयित आलेख को महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है। इसकी सहायता से हम बालकों की विभिन्न आवश्यकताओं, योग्यताओं जो विद्यालयी कार्यक्रमों में भाग लेने पर प्रदर्शित होती हैं, उनका रिकार्ड कर लेते हैं। इन सूचनाओं के माध्यम से विद्यार्थी के विकास की विभिन्न अवस्थाओं पर आवश्यक निर्देशन की दिशा का चुनाव किया जा सकता है। इन आलेख पत्रों की सहायता से कुसमायोजित, पिछड़े प्रतिभाशाली, व्यक्तिगत विभिन्नताओं वाले बालकों की समग्र जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिससे हम इन बालकों को उचित निर्देशन प्रदान कर सकते हैं।