शिक्षा प्रशासन के अभिकरण - agencies of education administration

शिक्षा प्रशासन के अभिकरण - agencies of education administration


विद्यालय का संगठन, शिक्षा सिद्धांत की प्रशासनिक अभिव्यक्ति है। एल्स बी का यह कथन किसी भी देश की शिक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था की दर्शनिक अभिव्यक्ति है।


प्रशासन शब्द लैटिन के मिनिस्टर (minister) शब्द से आया है। इसका अर्थ है सेवा प्रशासन (Administration) का शास्त्रीय अर्थ है निष्पत्ति, किसी कार्य को करने का अधिकार सी.बी. गुड़ के शब्दों में- निर्धारित नीतियों के अनुरुप शैक्षिक संगठन को क्रियाशील बनाने की प्रविधि प्रशासन है। इन सभी संस्थाओं का वर्णन इस पाठ में किया जा रहा है।


१) स्वैच्छिक संस्थायें:


स्वैच्छिक संस्थाएं (voluntary Institutions) ये ऐसी संस्थाऐ है जो समाज हित में सरकारी अनुदान के बिना अपने संसाधनों के आधार पर शिक्षा का प्रसार करती है।

ये संस्थाएं मानव सेवाओं के लिये कार्य करती है। भारत के शिक्षा में इन स्वैच्छिक संस्थाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। २) स्वायत्त संस्थायें (Autonomous Bodies)


ये संस्थाऐ सरकार द्वारा गठित की जाती है। ये संस्थाएं शिक्षा का कार्य प्रतिनिधियों की रित्तियो नीतियों से करती है। एन सी. ई.आर.टी. यू.जी.सी., एन. सी. टी. ई. केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय तुल्य संस्थान आदि इसी प्रकार की संस्थाऐ है। ३) सरकारी संस्थायें (Govt. Agencies)


सरकारी संस्थाओं में केन्द्र, राज्य सरकारें तथा स्थानीय प्रशासन आते है। स्थानीय प्रशासन नगर परिषद तथा स्थानीय पंचायतों के माध्यम से शिक्षा की व्यवस्था करता है।


शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षा का प्रबंध करने वाली सभी संस्थायें आती है। ऐसी संस्थायें सरकारी तथा गैर सरकारी श्रेणियों में विभक्त की जाती है।