बजट विचरणांश का विश्लेषण - Analysis of budget variance

बजट विचरणांश का विश्लेषण - Analysis of budget variance


निष्पादन व लागत के वास्तविक समंकों व बजटेड समंकों के बीच प्राप्त अन्तर को बजट विचरणांश कहते हैं। यदि इन विचरणांशों का समुचित विश्लेषण किया जाये, तो उनके होने के लिए उत्तरदायी कारणों पर प्रकाश पड़ सकता है और भविष्य में उन पर नियन्त्रण करके लागत को नियन्त्रित किया जा सकता है। गत अध्याय में क्रियाओं के आधार पर निर्मित किये जाने वलो विभिन्न बजटों पर प्रकाश डाला गया है। वस्तुतक किसी भी संस्था के लिए सम्पादित सम्पूर्ण व्यावसायिक क्रियाओं का सामूहिक परिणाम विक्रय, उत्पादन व लाभ (हानि) में परिलक्षित होता है। अतः इन तीनों के सम्बन्ध में बजटेड समंक व वास्तविक समंक के अन्तर का विश्लेषण आवश्यक होता है। जहां विक्रय क्रिया अपने आप में पूर्ण होती है, वहां उत्पादन क्रिया में सामग्री, श्रम व अन्य अप्रत्यक्ष व्यय सम्बन्धी उपक्रियाएं शामिल होती है। लाभ-क्रिया बिक्री व उत्पादन का परिणाम होती है। इस प्रकार हम यहां पर निम्न प्रकार के बजट विचरणांशों की व्याख्या करेंगे:


(अ) विक्रय विचरणांश


(ब) लागत विचरणांश


(i) सामग्री विचरणांश


(ii) श्रम विचरणांश


(iii) अप्रत्यक्ष व्यय विचरणांश


(स) कुल लाभ विचरणांश


उपर्युक्त प्रत्येक बजट विचरणांश में कई उप- अंक होते हैं, जिनका विधिवत् वर्णन नीचे किया गया है।


(अ) विक्रय विचरणांश वास्तविक बिक्री की रकम और बजटेड बिक्री की रकम का अन्तर विक्रय विचरणांश कहलाता है। वास्तविक बिक्री की रकम बिक्री की वास्तविक मात्रा व वास्तविक विक्रय मूल्य के गुणनफल के बराबर होती है। इसी प्रकार बजटेड बिक्री की रकम बिक्री की बजटेड मात्रा व बजटेड विक्रय मूल्य के गुणनफल के बराबर होती है।

यदि वास्तविक बिक्री बजटेड बिक्री से अधिक होती है, तो विक्रय विचरणांश हित में माना जाता है और वास्तविक बिक्री का बजटेड बिक्री से कम होने पर अहित में माना जाता है। कुल विक्रय विचरणांश विक्रय की मात्रा व मूल्य में से एक या दोनों के वास्तविक व बजटेड समंकों के अन्तर का प्रतिफल हो सकता है। यदि बिक्रीत वस्तुओं की संख्या एक से अधिक है, तो उनके बजटेड मिश्रण और वास्तविक मिश्रण में अन्तर का भी कुल विक्रय विचरणांश पर प्रभाव पड़ सकता है। अतः कुल विक्रय विचरणांश का विश्लेषण करते समय इन तीनों कारकों के प्रभाव को अलग करना चाहिए। इस प्रकार कुल विक्रय विचरणांश व उनके उप- अंगों की गणना निम्न सूत्रों के आधार पर की जा सकती है:


(क) जब केवल एक वस्तु की बिक्री हुई हो:


Total Sales Variance = (AU x AP ) - (BUx BP )


= (AS - BS)


यहां पर


AU Actual Units of Sales


BU Budgeted Units of Sales


AP = Actual Selling Price


BP = Budgeted Selling Price


AS = Total Actual Sales


BS = Total Budgeted Sales


कुल विक्रय विचरणांश निम्न उप-विचरणांशों का योग होता है:


(i) Sales Volume Variance (AU-BU) x BP


(ii) Sales Price Variance = (AP BP ) x AU


(ख) जब एक से अधिक वस्तुओं की बिक्री की गयी हो। ऐसी स्थिति में प्रायः विभिन्न वस्तुओं की विक्रय योग्य मात्राओं का एक मिश्रण अनुपात बजटेड रूप में निर्धारित कर लिया जाता है। वास्तविक बिक्री में इन वस्तुओं के विक्रय मात्रा का अनुपात कुछ और ही हो सकता है, अअतः कुल विक्रय विचरणांश का विश्लेषण करने के लिए मिश्रण विचरणाश को अलग करना आवश्यक होता है। इस सम्बन्ध में सर्वप्रथम विक्रय की संशोधित मात्रा ज्ञात की जाती है, जिसके लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है.


Revised Units of Sales (BU) 


= Budgeted Units of a Specific Item x Total Actual Units


Total Budgeted Units


Total Sales Variance = (AS - BS)


This is composed of


(i) Sales Price Variance


= (AP - BP) x AU


(ii) Sales Volume Variance


= (RU - BU) x BP


(iii) Sales Mix Variance


=(AU- RU) x BP


(ब) लागत विचरणांश: वास्तविक लागत व बजटेड लागत के अन्तर को लागत विचरणांश कहते हैं। लागत में सामग्री श्रम व अप्रत्यक्ष व्यय को शामिल करते हैं। अतः लागत विचरणांश का विश्लेषण इन तीनों लागत- तत्वों के संदर्भ में अलग-अलग किया जाता है।


(i) सामग्री विचरणांश प्रयुक्त सामग्री की वास्तविक लागत व बजटेड लागत का अन्तर सामग्री विचरणांश कहलाता है। यदि सामग्री की वास्तविक लागत बजटेड लागत से कम होती है तो विचरणांश हितकर और अधिक होने पर अहितकर माना जाता है। सामग्री विचरणांश के भी दो उप-अंग सामग्री मूल्य विचरणांश और सामग्री मात्रा विचरणांश हो सकते हैं। अन्य शब्दों में, सामग्री में विचरण, सामग्री की मात्रा में विचरण प्रयुक्त मात्रा में कमी या अधिक के कारण या उनके अक्षम्य प्रयोगों के कारण हो सकता है। संक्षेप में, सामग्री विचरणांश के विश्लेषण में निम्न तीनों को अलग-अलग ज्ञात किया जाता है:


(i) Materials Volume Variance


(ii) Materials Usage Variance


(iii) Material Price Variance


उपर्युक्त तीनों की गणना के लिए निम्न सूत्रों का प्रयोग किया जाता है: 


(i) Materials Volume Variance = (BUR - NUR) x BP


यहां पर


BUR Budgeted Units of Raw Materials


NUR = Normal Units of Raw Materials at Actual Production Level


BP = Budgeted cost per Unit


(ii) Materials Usage Variance = (NUR - AUR) x BP


यहां पर


AUR = Actual Units of Raw Materials


NUR = Normal Units of Raw Materials at Actual Production Level


BP = Budgeted Cost per Unit


(iii) Materials Price Variance = (BP - AP ) x AUR


यहां पर


BP = Budgeted Cost per Unit


AP = Actual Cost per Unit


AUR Actual Units of Raw Materials


(ii) श्रम विचरणांश सामग्री की तरह प्रत्यक्ष श्रम की वास्तविक लागत व बजटेड लागत के अन्तर को ही श्रम विचरणांश कहते है। यदि श्रम की वास्तविक लागत बजटेड लागत से कम हैं तो हित में और अधिक होने पर अहित में माना जाता है। श्रम विचरणांश के लिए भी मुख्यतः तीन कारण हो सकते हैं: प्रथम, उत्पादन की मात्रा में कमी या वृद्धि होना; द्वितीय, श्रम के प्रयोग में कुशलता व क्षमता बरतना, और तृतीय श्रम की लागत में (मजदूरी दर में) परिवर्तन होना। इस प्रकार श्रम विचरणांश का विश्लेषण करते समय निम्न का पता लगाया जाता है:


(i) Labour Volume Variance


(ii) Labour Usage of Efficiency Variance


(iii) Labour Rate Variance


इन तीनों की गणना इस प्रकार से की जाती है:


(i) Labour Volume Variance = (BLH - NLH) x BWR यहां पर BLH = Budgeted Labour Hours


NLF = Normal Labour Hours at Actual Production Level


BWR = Budgeted Wage Rate


(ii) Labour Usage Variance = (NLR - ALH) × BWR


यहां पर


NLH = Normal Labour Hours


ALH = Actual Labour Hours


BWR = Budgeted Wage Rate


(iii) Labour Rates Variance = (BWR - AWR) x ALH


यहां पर


BWR Budgeted Wage Rate


AWR = Actual Wage Rate


ALH = Actual Labour Hours


(ii) अप्रत्यक्ष व्यय विचरणांश: कुल लागत में अप्रत्यक्ष व्यय को पूर्वानुमान द्वारा शामिल किया जाता है। यदि वास्तविक अप्रत्यक्ष व्यय बजटेड व्यय से अधिक या कम होता है, तो उसे अप्रत्यक्ष व्यय विचरणांश कहते हैं। यदि वास्तविक व्यय अनुमानित व्यय से अधिक है, तो अहितकर विचरणांश और इसके विपरीत दशा में हितकर विचरणांश कहलाता है। इस विचरणांश का विश्लेषण करते समय निम्न को अलग-अलग ज्ञात किया जाता है :


(A) Overhed Budged Variance (Budgeted Overhead - Actual Overhead)


(B) Idle Time Variance (ALH-BLH) x OR


यहां पर


ALH = Actual Labour Hours


BLH = Budgeted Labour Hours


OR = Overhead Rate per Hour


(C) Overhead Efficiency Variance = (SLH ALH) x OR


यहां पर


SLH Standard Labour Hours


ALH = Actual Labour Hours


OR = Overhead Rate per Hours


(A) Overhead Budget Variance = ( F + (VH x ALH) - (AO)


यहां पर


F = Total Fixed Overhead


VH = Variable Overhead per Hour


ALH = Actual Labour Hours


AO = Actual Overheads


(B)


Idle Time Variance = ( SLHxOR ) - [F + (VHx SLH ) ]


SLH = Standard Labour Hours


यहां पर


OR = Overhead Rate per Hour


F = Total Fixed Overheads


VH = Variable Overhead per Hour


(C) Overhead Efficience Variance =


[F + (VHx SLH)] [F + (VH x ALH)]


= (VH x SLH) - (VH x ALH)


(स) कुल लाभ विचरणांश कुल विक्रय राशि में से बेची गयी वस्तु की लागत को घटाने पर कुछ लाभ ज्ञात हो जाता है। अतः बजटेड कुल लाभ व वास्तविक लाभ में अन्तर बिक्री विचरणांश निम्न में से एक या एक से अधिक तत्वों का परिणाम होता है:


(i) विक्रय मूल्य में परिवर्तन


(ii) बेची गयी वस्तु की मात्रा में परिवर्तन


(iii) बेची गयी वस्तु की लागत में परिवर्तन


(iv) विक्रय मिश्रण में परिवर्तन


इस प्रकार लाभ विचरणांश की व्याख्या निम्न द्वारा की जा सकती है:


Profit Variance = Actual Profit - Budgeted Profit


This is explained by:


(1) Sales Volume Variance = (AU-BU) x BP


(ii) Sales Price Variance


= (AP - BP) x AU


(iii) Cost Volume Variance (BU-AU) x BCP


(iv) Cost Price Variance


= (BCP - ACP) x AU


परन्तु जब एक से अधिक वस्तुओं का विक्रय किया गया हो, तो लाभ विचरणांश की व्याख्या प्रति इकाई लाभ के आधार पर निम्न रूप से की जा सकती है:


Profit Variance = Actual Profit - Budgeted Profit


This is explained by:


(i) Profit Rate Variance


= - (APt- BPt) x AU


(ii) Profit Volume Variance


= (RU-BU) x BPt


(iii) Profit Mix Variance


यहां पर


APt = Actual Profit per unit


BPt = Budgeted Profit per unit


= (AU - RU) x BPt


RU की गणना वैसे ही की जायेगी जैसा अन्यत्र समझाया गया है।