लॉर्ड विलियम बैंटिक व्दारा स्वीकृति - Approval by Lord William Bentinck
लॉर्ड विलियम बैंटिक व्दारा स्वीकृति - Approval by Lord William Bentinck
काफी विचार-विमर्श के बाद लॉर्ड बेंटिक ने 7 मार्च 1835 ई के आज्ञापत्र में मैकाल की सभी बात स्वीकार कर ली और शिक्ष-नीति की घोषणा कर दी।
1) भारतीयां में यूरोपीय साहित्य और विज्ञान का प्रचार करना आग्रेजी सरकार का प्रमुख उद्देश्य था इसलिए शिया संबंधी धनराशि अंग्रेजी माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा पर खर्च की जाएगो |
2 ) प्राच्य शिक्षा के साहित्य का प्रकाशन भविष्य में नहीं होगा।
3) प्राच्य साहित्य के स्थान पर अंग्रेजी साहित्य तथा विज्ञान संबंधी पुस्तकों के प्रकाशन पर धन खर्च किया जाए।
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