बी.आर.सी. और सी. आर.सी. - B r c. and C.R.C.

बी.आर.सी. और सी. आर.सी. - B r c. and C.R.C.


सही अर्थों में एक शिक्षक विद्यार्थियों की एक बड़ी संख्या के साथ अकेली गतिविधि के माध्यम से या सैद्धांतिक रचनावादी तरीके से या विभिन्न तत्रों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। बी आर सी और सी. आर.सी. यह शिक्षक के लिए सबसे मजबूत शैक्षिक समर्थन प्रणाली बन सकती है। देशभर में बी.आर.सौ. और सी.आर.सी. का निर्माण इस बात का संकेत देता है की यह शिक्षा को ऐसी मजबूत प्रशासकीय रचना दे सकता है जिससे स्कूल में शिक्षा को गुणवत्ता में वृद्धि हो सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत पिछले दस सालों से शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिला स्तर पर अनेक कार्यक्रम चलाये जाते है लेकिन इसका परिणाम संमिश्र मिल रहा है क्योंकि जिला स्तर पर स्कूलों की दुरी मानव संसाधन की कमी अनेक प्रकार की जिम्मेदारियां कार्य का स्वरूप स्कूलों को ज्यादा संख्या इसलिए DIET इस कार्य में असफल दिखाई पड़ता है, इसीलिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत चलाये जाने वाले कार्यक्रमों को स्कूल में चलाने के लिए स्कूल किसी तरह के सतत और स्थायों आधार पर निकटतम संभव संसाधन केन्द्रों से जुड़ा हुआ होना चाहिएहा इस प्रकार शैक्षणिक संसाधन केंद्र समूह ब्लाक और जिला स्तर पर होने चाहिए ऐसा विचार आया।


इस की संकल्पना एक श्रृंखला के रूप में की गयी, जिसमे केन्द्रों की एक ऐसी श्रृंखला हो जो स्कूलों से समूहों को समूहों से ब्लाक को ब्लाक से जिले को और फिर राज्य स्तर से जुड़ी हो।


बी. आर. सी और सी आर सी अपने विभाग के स्कुलोंकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जो अपने विभाग के स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जितने भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है उनको कार्यान्वित करते हैं।


स्कूल


CRC


BRC


DRG


ब्लाक संसाधन केन्द्र B.R.C


ब्लाक संसाधन केन्द्र ( B.R.C) प्राथमिक शिक्षा के सन्दर्भ में ब्लाक (क्षेत्र) स्तर पर शैक्षिक गतिविधियों विषय सम्बन्धी ज्ञान, अध्यापन प्रणाली इत्यादि प्रकियाओं में अपना सक्रिय व प्रभावशाली भूमिका का निर्वाहन करती है।


पूर्व में जिला बेसिक शिक्षा विभाग की भूमिका शैक्षिक स्तर का निरीक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्तर सुनियोजित करना था। किन्तु विद्यालयों की संख्या एवं छात्रों के नामांकन में अत्याधिक वृद्धि हो जाने के कारण जिला स्तर पर शैक्षिक नियंत्रण जटिल होने लगा। इसी समस्या के निदान हेतु शैक्षिक गतिविधियों के कियान्वयन के लिये ब्लाक स्तर पर ब्लाक संसाधन केन्द्र की स्थापना की गई।


उद्देश्य :


ब्लाक संसाधन केन्द्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बेसिक शिक्षा योजना के अन्र्तगत संचालित प्राथमिक विद्यालयों में ब्लाक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करना एंव शौक्षिक गतिविधियों को द्रुत गति प्रदान करना है। अध्यापकों एवं विद्यालयों का मार्गदर्शन करने एवं विद्यालय स्तर पर शैक्षिक गुणवत्ता में अभिवृद्धि हेतु इन संस्थानों की सीपना की गई है।


B. R. C. के प्रमुख कार्य


अध्यापकों का प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण: -


ब्लाक संसाधन केन्द्र बेसिक शिक्षा के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों का समय-समय पर विषय गत, तकनीकीगत व गुणवता सम्वर्धन हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करता है जिसके अन्तर्गत अध्यापक अपनी शैक्षणिक संवर्धन, ज्ञान व क्षमता में वृद्धि करते हैं।


मूल्याकन एवं विश्लेषण:


B.R.C. समन्यवक एवं इससे जुड़े विभिन्न व्यक्ति समय-समय पर प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता संसाधन विषय सामग्री, नामांकन, उपस्थिति इत्यादि का मूल्यांकन एवं विश्लेषण कर अधिक प्रभावी व अधिगम जन्य बनाने हेतु सुझाव भी प्रस्तुत करते है।


क्लस्टर संसाधन केंद्र CRC


देश की गुणवत्ता शिक्षा की गुणवत्ता के ऊपर निर्भर है। जिम्मेदार गुणात्मक और सुसंकृत नगरिक तभी तैयार होंगे जब शिक्षा की गुणवत्ता में बढोत्तरी हो। संविधान के 45 वे अनुछेद के अनुसार सबको मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद ४ से १४ साल के उम्र वाले सभी बच्चोंको स्कूलों में प्रवेश करने के लिए हम असमर्थ है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जाते है,

सर्व शिक्षा अभियान इसका एक प्रयास है। जीवन में उपयोगी गुणात्मक शिक्षा प्राथमिक स्तर पर प्रदान करने के लिए जोर दिया जाता है। सरकार द्वारा गुणात्मक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए BRC की स्थापना ब्लॉक स्तर पर CRC की स्थापना क्लस्टर स्तर पर, और शहरी संसाधन केन्द्रों की स्थापना नगर निगम के स्तर पर की गयी है। शिक्षा का सामान्यीकरण और शिक्षा को वृद्धि के लिए CRC एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उद्देश्य -


क्लस्टर संसाधन केन्द्र की स्थापना की मुख्य उद्देश्य बेसिक शिक्षा योजना के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालयों में क्लस्टर स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करना एवं शैक्षिक गतिविधियों को द्रुत गति प्रदान करता है। इसके साथ ही अध्यापकों एवं विद्यालयों का मार्गदर्शन करने एवं विद्यालय स्तर शैक्षिक गुणवत्ता में अभिवृद्धि हेतु यह संस्था सीपित की गई है।



C.R.C के प्रमुख कार्य


अध्यापकों का प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण: -


क्लस्टर संसाधन केन्द्र बेसिक शिक्षा के अन्र्न्तगत संचालित प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों का समय-समय पर विषय गत, तकनीकीगत व गुणवत्ता संवर्धन हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करता है जिसके अन्तर्गत अध्यापक अपना शैक्षणिक संवर्धन, ज्ञान व क्षमता में वृद्धि करते है। मूल्याकन एवं विश्लेषण - इत्यादि का


C.R. C. समन्यवक एवं इससे जुड़े विभिन्न व्यक्ति समय-समय पर प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता संसाधन विषय सामग्री, नामांकन, उपस्थिति मूल्याकन एवं विश्लेषण कर अधिक प्रभावी व अधिगम जन्य बनाने हेतु सुझाव भी प्रस्तुत करते हैं।