व्यवहार तकनीकी - Behavioural Technology

व्यवहार तकनीकी - Behavioural Technology


व्यवहार तकनीकी का अर्थ है व्यवहार का शिल्प यानी ऐसी कला जिससे व्यक्ति के व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाया जा सके। अध्यापक शिक्षा में व्यवहार तकनीकी का विशेष योगदान है। यह मनोवैज्ञानिक "सिद्धांतों का प्रयोग कर शिक्षक के व्यवहार में परिवर्तन लाती है। यह स्किनर के सिद्धांत पर आधारित है कि व्यवहार को उसके परिणामों के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। व्यवहार तकनीकी शिक्षक के कक्षा व्यवहार का निरीक्षण, विश्लेषण तथा व्याख्या कर शिक्षक व्यवहार में सुधार के लिए प्रविधियों का विकास करता हैं ।

यह वैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रयोग शिक्षक व्यवहार में विकास के लिए करता है। यह शिक्षक के शाब्दिक तथा अशाब्दिक दोनों ही व्यवहारों में सुधार करता है।


डॉ. आर. ए. शर्मा (Dr. R. A. Sharma) के अनुसार व्यवहार तकनीकी वह विज्ञान है जो शिक्षकों के व्यवहारों का वैज्ञानिक विधियों द्वारा अध्ययन करता है तथा उनके व्यवहारों का परिमार्जन भी करता है। इस दिशा में अमीडन, फ़्लैंडर्स, स्किनर, ओवर तथा एंडर्सन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।