शून्य आधार बजटन के लाभ या उपयोग - Benefits or Uses of Zero Basis Budgeting
शून्य आधार बजटन के लाभ या उपयोग - Benefits or Uses of Zero Basis Budgeting
न्य आधार बजटन के लाभों को निम्न बिन्दुओं में पिरोया जा सकते हैं :
1. शून्य आधार बजटन वृद्धिशील दृष्टिकोण पर आधारित नहीं है, अतः लागतों के सम्बन्ध में भूतकालीन अकुशलताओं के चलते रहने की सम्भावना नहीं रहती । यह व्यर्थ के व्ययों को पहचानने और समाप्त करने में सहायता प्रदान करता हैं यह परिचालनात्मक कुशलता में वृद्धि लाता है क्योंकि इसमें प्रबन्धकों को अपने नये प्रस्तावों के साथ-साथ चालू क्रियाओं पर पुनर्विचार करना होता है तथा उनका औचित्य बतलाना होता है। इस प्रकार यह कार्यक्रमों को उनकी सम्पूर्णता में पुनर्विचार का अवसर प्रदान करता है।
2. शून्य आधार बजटन अकुशलता को दूर करता है तथा संस्था में कुशलता और लागतों में बचत की संस्कृति विकसित करता है
और इस प्रकार प्रबन्धकों में लागत जागरूकता लाता है क्योंकि प्रत्येक प्रस्ताव का मूल्यांकन लागत लाभ विश्लेषण के आधार पर किया जाता है। इस प्रकार इसमें मनमानी कटौती और वृद्धि के आवसर नहीं रहते हैं।
3. शून्य आधार बटन सभी सम्बन्धित कर्मचारियों की सहभागिता आश्वस्त करता है। और इस प्रकार सभी प्रबन्धकों के बीच सहयोग और टीम की भावना विकसित करता है। यह नियोजन और नियंत्रण में समन्वय सुगम बनाता है।
4. आगमों में वृहत उच्चावचन वाली अवधियों में शून्य आधार बजटन शीघ्र बजट समायोजन सम्भव बनाता है।
5. शून्य आधार बजटन उद्देश्यों, प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर ध्यान केन्द्रित करके बजटन प्रक्रिया में सुधार लाता है। इस प्रकार यह बजटों को निगमित उद्देश्यों के साथ जोड़ता है। उद्देश्यों द्वारा प्रबन्ध प्रणाली प्रारम्भ करने में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
6. शून्य आधार बजटन अनुपयोगी कार्यक्रमों को रोकने और उच्च प्रभाव वाले कार्यक्रमों के विस्तार का वस्तुनिष्ठ आधार प्रदान करता है।
7. शून्य आधार बजटन के अन्तर्गत उत्तरदायित्व लेखांकन प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकती है।
8. शून्य आधार बजटन दुर्लभ संसाधनों के अनुकूलतम बंटवारे में प्रबन्ध की सहायता करता है क्योंकि इस प्रणाली का अनुपम पहलू चालू और प्रस्तावित दोनों प्रकार के व्ययों का मूल्यांकन और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रबन्ध के समक्ष प्रस्तुत करना है। इस प्रकार यह तकनीक प्रबन्ध को कार्यक्रमों के प्राथमिकता के आधार पर संसाधनों के बंटवारें में सहायक होती है।
9. तुलनात्मक रूप से यह पद्धति लोचपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक वर्ष बजट शून्य आधार पर तैयार किये जाते हैं। यह पद्धति वित्तीय नियोजन और प्रबन्ध सूचना प्रणाली विकसित करना आवश्यक बनाती है।
10. बजट उद्देश्य के लिए व्यवसाय के प्रत्येक पहलू पर पुनर्विचार और मूल्यांकन से परिणामपरक निगरानी प्रक्रियाओं को सहायता मिलती है।
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