सम-विच्छेद बिन्दु का अर्थ व परिभाषा - Break-even Point - Meaning & Definition

सम-विच्छेद बिन्दु का अर्थ व परिभाषा - Break-even Point - Meaning & Definition


 सम-विच्छेद बिन्दु की गणना सम-विच्छेद विश्लेषण की आधारशिला है।


जी.आर. क्राउनिंगशील्ड के शब्दों में, "सम - विच्छेद बिन्दु वह बिन्दु होता है जिस पर विक्रय आगम वस्तु के बनाने और बेचने की लागत के बराबर हो और कोई लाभ अथवा हानि न हो।" 


सर्वश्री केलर और फरेरा के शब्दों में, किसी कम्पनी या कम्पनी की किसी इकाई का सम-विच्छेद बिन्दु विक्रय आय का वह स्तर है जोकि उसकी स्थिर और परिवर्तनशील लागतों के बराबर हो।"


चार्ल्स टी. हॉर्नग्रेन के शब्दों में, "सम-विच्छेद बिन्दु क्रियाशीलता (विक्रय-मात्रा) का वह बिन्दु है जहाँ कुल आगम और कुल व्यय बराबर हों, यह शून्य लाभ और शून्य हानि का बिन्दु होता है।"


उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि सम-विच्छेद बिन्दु का आशय उत्पादन व विक्रय मात्रा के उस बिन्दु से होता है जिस पर व्यवसाय के कुल आगम और कुल लागत एक समान हों और शुद्ध लाभ शून्य हो। इस बिन्दु को “no-profit, no-loss point" भी कहा जाता है। उत्पादन व विक्रय मात्रा का इस बिन्दु से कम होने पर व्यवसाय को हानि होती हैं। व्यवसाय में लाभ तभी होंगे, जबकि यह मात्रा इस बिन्दु से अधिक हो और यह मात्रा सम-विच्छेद बिन्दु से जितनी अधिक होगी, व्यवसाय उतना ही अधिक सुदृढ़ और लाभप्रद होगा। यही कारण है कि व्यवसायी अपनी व्यवसाय के उत्पाद व विक्रय में निरन्तर वृद्धि के लिये प्रयत्नशील रहते हैं।