पूँजी बजटन - Capital budgeting
पूँजी बजटन - Capital budgeting
पूँजी बजटन से आशय उपलब्ध पूँजी के विनियोग के लिए क्रमबद्ध एवं वैज्ञानिक रूपरेखा तैयार करने से लगाया जाता है। पूँजीगत बजटनके अंतर्गत दीर्घकालीन लाभ प्रदान करने वाले व्ययोंको नियोजित एवं नियंत्रित किया जाता है तथा उपलब्ध साधनों के प्रयोग के लिए सर्वोत्तम योजना बनाई जाती है, अतः पूँजीगत बजटन प्रस्तावित पूँजीगत व्ययों को करने के अर्थ-प्रबंधन संबंधी दीर्घकालीन नियोजन है।
इस प्रकार पूँजीगत बजटन आवश्यक रूप से एक सूची है, जिसे प्रबंधन, नयी पूँजीगत संपत्तियों को प्रत्येक परियोजना की अनुमति लागत के साथ प्राप्त करने के लिए एक उपयुक्त परियोजना मानता है।
1. पूँजी बजटन के बनाने में पूँजीगत व्ययों के बीच उचित समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जाती है।
2. पूँजीगत बजटन का मुख्य उद्देश्य व्ययों पर नियंत्रण रखना है। पूँजीगत बजटन में अनेक विभागों के लिए अलग-अलग पूँजी व्ययों का अनुमान लगाया जाता है।
3. इसमें यह कोशिश रहती है कि पूँजीगत व्ययों के बजट में समन्वय बना रहे, जिससे विभिन्न विभागों के पूँजी व्ययों में संतुलन लाया जा सके।
4. पूँजी बजटन से स्थायी संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा सकता है।
5. पूँजीगत बजटन के द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के बीच प्राथमिक संबंध स्थापित करने का मूल आधार परियोजना की लाभोपार्जन शक्ति के क्रम से है। इस प्रकार सर्वोत्तम परियोजना का चयन किया जा सकता है।
6. पूँजीगत बजटन बनाने से पहले वित्तीय पूर्वानुमान लगाए जा सकते हैं। इसमें संपत्तियों के खरीदने के बारे में उचित निर्णय लिया जा सकता है। इससे वित्तीय प्रबंधक शुरू से ही अर्थ प्रबंधन पर नियंत्रण रख सकते है।
7. पूँजीगत बजटन से कभी भी भूतकालीन निर्णयों का अनुमान तथा विश्लेषण किया जा सकता है।
किसी भी व्यावसायिक या औद्योगिक उपक्रम की सफलता में पूँजीगत बजटन की एक निर्णायक भूमिका होती है। व्यवसायिक विनियोग के संबंध में पूँजी निर्णयों का एक विशिष्ट महत्व होता है। इस महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से सिद्ध किया जा सकता है-
1. पूँजीगत बजटन की सहायता से दीर्घकालीन संपत्तियों में उचित विनियोजन किया जा सकता है।
2. पूँजीगत बजटन हास एवं संपत्तियों के पुनर्स्थापन के लिए सुदृढ़ नीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होता है।
3. पूँजीगत बजटन पूँजीगत व्ययों को अधिक लाभप्रद बनाने में सहायकता प्रदान करता है। में
4. पूँजीगत बजटन के द्वारा रोकड़ बजट बनाने के लिए आवश्यक सूचनाएँ प्राप्त होती है।
5. पूँजीगत बजटन की सहायता से प्लांट एवं मशीनों के आधुनिकीकरण की सर्वोत्तम योजना सरलतापूर्वक तैयार की जा सकती है।
6. पूँजीगत बजटन पूँजीगत विनियोगों के लिए अनेक विकल्प उपलब्ध कराता है।
7. पूँजीगत बजटन के द्वारा लागत को कम करने के लिए आधुनिकतम तकनीकों पर विचार किया जा सकता है।
8. पूँजीगत बजटन निरंतर कम लागत पर अधिकतम उत्पादन करने पर जोर देता है, अत: इसके अंतर्गत मानव के स्थान पर मशीन को श्रेष्ठ माना जाता है।
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