पूँजील राशनिंग - capital rationing
पूँजील राशनिंग - capital rationing
पूँजी राशनिंग एक ऐसी स्थिति हैं, सिमें पूँजी संसाधनों की कमी के कारण वित्तीय प्रबंधक उन सभी विनियोग प्रस्तावों को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं होता है जो एक न्यूनतम प्रत्याय दर से अधिक प्रत्याय दे रहे होते हैं। दूसरे शब्दों में, सीमित पूँजी संसाधनों वालो विनियोगकर्ता पूँजी राशनिंग की स्थिति का सामना करते हैं। वित्तीय प्रबंध के संदर्भ में पूँजी राशनिंग का संबंध पूँजी बजटन से है। वैकल्पिक विनियोग प्रस्तावों पर विचार करते समय स्थिति आ सकती है जब पूँजी की सीमित उपलब्धता के कारण उच्च प्रतिफल वाले सभी प्रस्तावों को स्वीकार करना संभव न हो।
अतः स्पष्ट हैं कि जब वित्त संसाधनों की उपलब्धता आवश्यकता से कम होती है तब पूँजी राशनिंग की स्थिति उत्पन्न होती है।
पूँजी राशनिंग की स्थिति में सबसे बड़ी समस्या उपलब्ध कोषों के अधिकतम लाभप्रद प्रयोग की होती है। अत: सभी स्वीकार विनियोग प्रस्तावों को प्रत्याय के क्रम में अनुसूचित किया जाता है। फिर उपलब्ध पूँजी की मात्रा को ध्यान में रखकर उन प्रस्तावों के सभी संभव समूह बनाए जाते हैं। जिन समूह की प्रत्याय सर्वाधिक होती है, उसे क्रियान्वयन हेतु चुना जाता है।
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