जाति - Caste

जाति - Caste


जाति एक रूढ सामाजिक व्यवस्था है, जिसका संबंध विशेष रूप से हिंदू धर्म के अंतर्गत किसी खास समुदाय या वंश में जन्म लेने या उस समुदाय का सदस्य होने से होता है। जाति का संबंध प्राचीन वर्ण व्यवस्था से है। वर्ण का अर्थ रंग होता है। अनुमान किया जाता है कि यह त्वचा के रंग का सूचक रहा होगा। ऋग्वेद में परम पुरुष के शरीर के विभिन्न हिस्सों मुंह, भुजा, जंघा और चरण से क्रमशः चार वर्णों ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के प्रकट होने की बात आती है। संक्षेप में कहा जा सकता है कि प्राचीन समय के हिंदू धर्म के प्रभावी समुदाय ने पहले कर्म के आधार पर समाज के सदस्यों को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया और फिर धीरे-धीरे इनके अनेक उपभाग बनते चले गए। कुछ समय बाद इसे कर्म की बजाय जन्म के आधार पर दृढ़ कर दिया गया और धीरे-धीरे सैकड़ो जातियां बन गई। जाति कई सौ सालों से चलने वाली परंपरा से जुड़ी होती है और एक ही जाति/समुदाय के सदस्यों में परस्पर वैवाहिक संबंध से ये आगे बढ़ती रहती है। धर्म से संबद्ध होने के कारण शक्ति संपन्न प्राचीन समाज जाति का संबंध ईश्वरीय शक्तियों एवं प्राकृतिक व्यवस्था आदि से जोड़ता रहा है, परंतु जाति एक सामाजिक वास्तविकता है और इसका जैविक या प्राकृतिक आधार नहीं होता।

वर्ग से यह इस मामले में भिन्न होता है कि वर्ग सबके लिए खुला होता है और निम्न वर्ग का व्यक्ति उच्च वर्ग का या वर्ग का व्यक्ति निम्न वर्ग का सदस्य हो सकता है, परंतु चूंकि जाति का आधार पैतृक होता है और इसका निर्धारण जन्म से होता है, इसलिए इसका अंग रहते हुए इसमें परिवर्तन संभव नहीं होता। इस प्रकार किसी व्यक्ति की जाति पूरे जीवन के लिए निश्चित होती है। जाति का आधार धार्मिक होता है और सारी जातियां एक खास व्यवस्था एवं अनुक्रम में बंधी होती हैं। इस व्यवस्था में धर्म और प्रभावी समाज की इच्छा को ईश्वर की इच्छा के रूप में स्थापित किया जाता है। कई देशों में सामाजिक भेद पाया जाता है, परंतु भारत के हिंदू धर्म की जाति व्यवस्था की तरह अत्यंत सुनियोजित रूप में यह भेद अन्यत्र नहीं मिलता। चूंकि हिंदू धर्म में पुरुष प्रधानता सिद्ध है, इसलिए जाति का निर्धारण माता के आधार पर नहीं, बल्कि पिता के आधार पर होता है। किसी दूसरी जाति की स्त्री विवाह के बाद अपने पति के जाति की सदस्य हो जाती है। भारतीय परिवेश में जातिभेद वर्गभेद और जेंडर दोनों पर भारी पड़ता है।