केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल - Central Board of Secondary Education CBSE

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल - Central Board of Secondary Education CBSE


१) CBSE की स्थापना जुलाई १९५२ में की गई।


उद्देश्य:- भारत सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा के ढांचे में अनुरूपता लाने तथा वे छात्र जिनके अभिभावक समय-समय पर एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानान्तरित होते है उन छात्रों की शिक्षा की व्यवस्था करना तथा सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल सी.बी.एस.ई. की स्थापना की गई है।


केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कार्य अथवा विशेषताएँ (Functions or Characteristics of C.B.S.E.) (९) केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त केन्द्रीय विद्यालयों की कक्षा १०-१२ की परिक्षाएँ केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कराता है तथा प्रमाण-पत्र देता है।


(२) केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त केन्द्रीय विद्यालयों का पाठ्यक्रम समान अर्थात सारे देश में एकसमान होता है तथा इनकी पाठयपुस्तके भी एक समान होती है।


३) ये पुस्तकं राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) व्दारा निर्मित की जाती है। पाठ्यकम समान होने से केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के माता-पिता के स्थानान्तरण होने की स्थिति में शिक्षा में कोई व्यवधान नहीं होता।


(४) केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्बंध केन्द्रीय विद्यालयों के कक्षा ८ तक के बालको तथा कक्षा १२ तक की बालिकाओं को शिक्षा शुल्क में छूट भी दी जाती है।


५) अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से भी शुल्क नहीं लिया जाता।


(६) केन्द्रीय विद्यालयों में छात्राएँ एकसाथ अध्ययन करते है।


७) शिक्षा का माध्यम विभाषी है।


८) इनमें कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों प्रकार की शिक्षा दी जाती है।


९) केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के व्दारा केन्द्रीय विद्यालय संचालित किये जाते है।