मूल्यों के संदर्भ में समाज के समक्ष चुनौतियाँ - Challenges before the society in terms of values

मूल्यों के संदर्भ में समाज के समक्ष चुनौतियाँ - Challenges before the society in terms of values


वर्तमान समाज में मूल्यों की कमी महसूस की जा रही है। आदर्श मानवीय मूल्यों का लोप हो रहा है। वाणी और व्याख्यानों में मूल्य सुनने को मिलते हैं लेकिन व्यवहार में उनका दर्शन दुर्लभ है। हमारी प्राचीन संस्कृतिबिलख रही है, उसके आंसू पोछने वाला कोई नहीं है। तुलसीदास की रामचरित मानस पुस्तक में अंकित कलिकाल का वर्णन साकार हो रहा है। आज आतंकवाद का बोलबाला है। रक्त पिपाशु मानव भाई बंधुओं का खून कर रहा है। सामूहिक नर सहार हो रहे हैं। लोगों में भाई चारे की जगह नफरत प्रेम की जगह घृणा सहानुभूति की जगह द्वेष सहयोग के स्थान पर असहयोग, ईमानदारी के स्थान पर बेईमानी, अनुशासन के स्थान पर अनुशासनहीनता का साम्राज्य है। मनुष्य में विनम्रता, विवेक और नैतिकता का अभाव है। वह मानवता से नीचे गिरकर खोखला और हृदयहीन हो चुका है। जिसकी लाठी उसकी भैंस की कहावत सामने आ रही है। सड़क पर छटपटाते दम तोड़ रहे मनुष्य की और देखना पाप समझा जाता है। धन को पाने के लिए मनुष्य पागल हो गया है। उसे पाने के लिए बहपाप करने में भी नहीं चूकता।


ऐसे अहंकारी और दानवी संस्कृति के लोग क्या हमें शांति और संतोष दे सकेंगे? आज यह प्रश्न सबके सामने है, पर इसका समाधान कहीं नहीं। आखिर मनुष्य को इस स्थिति में पहुंचाने का दोषी कौन है शायद इसका उत्तर मिलेगा हमारा समाज परिवारों से ही समाज बनता है। तो क्या परिवार दोषी है या परिवार से बना समाज इस स्थिति के लिए हमारे परिवार और समाज दोनों गुनहगार हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम उन्हीं बातों, उन्हीं मूल्यों को फिर से अपने अंदर लाएँ जिनके अभाव में हमारी यह दुर्दशा हो रही है। हमारे बच्चों को स्कूल, समाज तथा घर-परिवार में जो वातावरण मिल रहा है उसमें परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। बच्चे पुनीत और पवित्र होते हैं। उन्हें बिगाड़ने या बनाने के लिए जिम्मेदार है हमारे परिवार और समाज आज परिवार और समाज को सचेत होना होगा, अपने वातावरण और आचरण को सुधारना होगा।


इन सबका सारांश यही है कि हम अपने मूल्यों के मार्ग से भटक गए हैं। अपने मानवीय मूल्यों को हमें अंगीकृत करना होगा। विद्यालयों में मूल्य शिक्षा की व्यवस्था और उसके लिये उचित वातावरण का निर्माण करने में सहयोग देना होगा।