आधुनिक समाज की बदलती जीवन शैली - changing lifestyle of modern society

आधुनिक समाज की बदलती जीवन शैली - changing lifestyle of modern society


आज हमारे बच्चे नाभिकीय परिवार में रहते हैं, जहाँ कई घरों में माता-पिता दोनों ही नौकरी या व्यवसाय करते हैं, अतः बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर से बाहर अधिक समय तक रहने के लिए मना किया जाता है। उन्हें घर में अधिक समय तक रोकने के लिए टीवी, इन्टरनेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को उपयोग में लाया जाता है। परिणामस्वरूप, प्रकृति से उनका प्रत्यक्ष संपर्क बहुत कम हो जाता है। प्रकृति से संपर्क के नाम पर वे स्थानीय पार्क या बगीचे में कभी-कभी आते-जाते हैं। ऐसी कई चीजें जो उनके आस-पास के भौतिक परिवेश में विद्यमान है, वे उनसे भी यथार्थ रूप से परिचित नहीं होते वे तकनीकी के आभासी परिवेश में उन चीजों को देखकर या सुनकर सीखने की कोशिश करते हैं, किन्तु यह आभासी अनुभव उनमें ऐसे अभिवृति या मूल्यों का विकास नहीं कर पाता जो उन्हें अपने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बना सके। अतः पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रकृति से प्रत्यक्ष संपर्क बनाने पर बल दिया जाना चाहिए।