शिक्षण तकनीकी की विशेषताएँ - Characteristics of Teaching Technology

 शिक्षण तकनीकी की विशेषताएँ - Characteristics of Teaching Technology


1. शिक्षण तकनीकी द्वारा पाठ - वस्तु एवं संप्रेषण के स्वरुप में समन्वय स्थापित किया जाता है। 


2. पाठ्य-वस्तु के तार्किक विश्लेषण द्वारा पाठ का क्रियान्वयन व्यवस्थित तथा तार्किक क्रम में होता है, जिससे शिक्षार्थी पाठ्य-वस्तु का स्पष्टीकरण सरलता से कर पाते हैं।


3. अधिगम उद्देश्यों के निर्धारण द्वारा शिक्षण निर्देशित, वस्तुनिष्ठ एवं वैज्ञानिक प्रतीत होती है।


4. इसमें दार्शनिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग शिक्षण के लिए किया जाता है। 


5. इसमें शिक्षक एवं शिक्षार्थी के बीच पारस्परिक संबंध स्थापित करने का प्रयत्न किया जाता है।


6. इसमें उपयुक्त संप्रेषण युक्तियों एवं साधनों द्वारा अंतःक्रियात्मक शिक्षण वातवरण पैदा किया जाता है जो सीखने को प्रोत्साहित करता है तथा विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा पैदा करता है।


7. इसमें स्मृति स्तर से लेकर चिंतन स्तर तक शिक्षण प्रदान किया जाता है।


8. यह शिक्षण के निवेश, प्रक्रिया तथा निर्गत तीनों घटकों से संबंधित होता है। 9. यह सूक्षम शिक्षण तथा पृष्ठपोषण द्वारा शिक्षकों के शिक्षण व्यवहार में परिवर्तन लाता है।


10. यह अधिगम के तीनों आयामों (संज्ञानात्मक, भावात्मक एवं मनोगत्यात्मक ) में शिक्षार्थी के विकास का आकलन करता है।


इस प्रकार शिक्षण तकनीकी शिक्षण के नियोजन, व्यवस्था, प्रगति तथा नियंत्रण के लिए विभिन्न सिद्धांतों युक्तियों तथा साधनों को उपयोग में लाता है जिससे शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावकारी एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।