बाल्यावस्था में बच्चे का चारित्रिक विकास - child's character development in childhood
बाल्यावस्था में बच्चे का चारित्रिक विकास - child's character development in childhood
1) इस अवस्था में बच्चे दूसरे बालकों के सम्पर्क में आते है। फलस्वरूप उसके आचरण में परिवर्तन होना आरम्भ हो जाता है।
2) बच्चा विभिन्न परिस्थितियों में उचित और अनुचित में अन्तर करना जान जाता है।
3) न्याय एवं ईमानदारी जैसी प्रबल भावनाएँ व्यक्त करता है। बड़ों की आजा का पालन करता है।
4) घर में स्वार्थपूर्ण और अनुचित पर विद्यालय में निःस्वार्थ और उचित व्यवहार करता है।
(5) बच्चे में विवेक, न्याय, ईमानदारी और मूल्यों की भावना का विकास होने लगता है।
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