बाल्यावस्था में बच्चे का शारीरिक , मानसिक विकास - Child's physical, mental development in childhood

बाल्यावस्था में बच्चे का शारीरिक , मानसिक विकास - Child's physical, mental development in childhood


इस अवस्था में बालक के शारीरिक विकास की निम्मिलिखित विशेषताएँ होती हैं :


1) बच्चे के भार में पर्याप्त वृद्धि होती है।


(2) 12 वर्ष के अंत में भार 80 और 95 पौण्ड के बीच हो जाता है।


3)9 या 10 वर्ष की उम्र में बच्चे का भार बालिकाओं से अधिक होता है।


4)6 या 12 वर्ष तक शरीर की लंबाई कम बढ़ती है। इन वर्षों में लंबाई लगभग 2 या 3 इंच बढ़ती है।


5) सिर के आकार में क्रमशः परिवर्तन होता है।


615 वर्ष की आयु में बच्चों का सिर प्रौढ उम्र के व्यक्तियों के सिर के आकार का 90% और दस वर्ष की आयु में 95% होता है।


7) 9 वर्ष की आयु में बच्चे के मस्तिष्क का भार उसके कुल शरीर के भार का 90% होता है।


8) इस अवस्था में हड्डियों की संख्या 350 हो जाती है। अस्थीकरण की प्रक्रिया शुरू रहती है। 


9)6 वर्ष की आयु में बच्चे के दूध केटॉल गिरने लग जाते हैं और स्थायी दॉत आ जाते है। स्थायी दांतों की संख्या 32 होती है।


बाल्यावस्था में बच्चे का मानसिक विकास


1) जब बच्चा लगभग 6 वर्ष का हो जाता है, तब उसकी मानसिक योग्यताओं का लगभग पूर्ण विकास हो जाता है।


2 ) बाल्यावस्था बौद्धिक विकास की अवस्था है। इस अवस्था में अवलोकन की शक्ति, तर्क शक्ति, स्मरण शक्ति, ध्यान एवं विचार शक्ति का विकास होता है।


(3) स्वभाव में स्थिरता तथा व्यवहार पर नियंत्रण होना शुरू हो जाता है। क्रोध आने पर भी प्रकट होने नहीं देते। मानसिक रूप से स्वतन्त्र नहीं होता है।


(4) छोटी कहानियाँ और कविताओं को अच्छी तरह दोहराने का ज्ञान होता है। प्रतिदिन साधारण समस्याओं का समाधान करने की योग्यता होती है। 


5) इस अवस्था में बच्चा हर चीज को ध्यानपूर्वक देखता है। ध्यान केन्द्रित करने की क्षमता का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है।


6) इस अवस्था में विचार शक्ति का अर्थात चिन्तन शक्ति का विकास होता है। 


7) तर्क शक्ति एवं कल्पना शक्ति का विकास होता है।


( 8 ) रुचियों का विकास हो रहा होता है। वे छोटी कहानियाँ, कविताओं, खेल आदि में बहुत अधिक रुचि लेते है। जब बच्चे लगभग 6 वर्ष के हो जाते हैं, तब उनकी मानसिक योग्यताओं का लगभग पूर्ण विकास हो जाता है।