कार्यशील पूंजी के अवयव - components of working capital
कार्यशील पूंजी के अवयव - components of working capital
कार्यशील पूंजी के दो अवयय चल सम्पति व चल दायित्व हैं । चल सम्पति में विभिन्न मदों को शामिल करते हैं। कुछ प्रमुख मदें है ।
(i) जब और जैसे ही खर्चे होते हैं, उन्हें पूरा करने के लिए नकद व बैंक, शेष;
(ii) प्राप्य खाते या विविध व्यापारिक देनदार
(iii) कच्चा माल, स्टोर्स, आपूर्ति व स्पेयर्स का स्कन्ध, चालू कार्य का स्कन्ध तथा तैयार माल का स्कन्ध
(iv) क्रय या खर्चों के लिए अग्रिम भुगतान तथा अन्य अल्पकालीन अग्रिम जो वसूली योग्य हो; तथा
(v) आधिक्य कोष का अस्थायी विनियोग जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर नकद में परिवर्तित किया जा सकता हो ।
चल सम्पत्तियों के अर्थ प्रबन्धन के लिए आवश्यक कोष के एक भाग को उधार पर माल की आपूर्ति द्वारा तथा खर्चों के भुगतान को रीति रिवाज व प्रयोग के आधार पर टालकर पूरा किया जा सकता है। कार्यशील पूंजी के शेष भाग को वित्त प्रदान करने वाली संस्थाओं जैसे बैंक से अल्पकालीन उधार से भी पूरा किया जा सकता है। इन सभी को सामूहिक रूप से चल दायित्व कहते हैं । चल दायित्व की मुख्य मदें हैं:
(i) उधार पर खरीदा गया माल का आपूर्तिदाता;
(ii) व्यावसायिक संगठन के व्यवसाय के दौरान किये गये खर्चे (जैसे मजदूरी, वेतन, किराया, विद्युत, बिल, ब्याज आदि ) जिनका अभी तक भुगतान नहीं हुआ:
(iii) बैंक, वित्तीय संस्था या अन्य पक्षों से अस्थायी या अल्पकालीन उधार ;
(iv) बेचे जाने वाले माल के विरूद्ध प्राप्त अग्रिम व अल्पकालीन जमा;
(v) अन्य चल दायित्व जैसे, देय कर व देय लाभांश
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