सामाजिक शिक्षा की संकल्पना - concept of social education

सामाजिक शिक्षा की संकल्पना - concept of social education


समाजशास्त्रीय रूप से देखा जाए तो शिक्षा वह प्रक्रिया है जिससे व्यक्ति तथा व्यक्तित्व में समाहित व अन्तर्निहित गुणों का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा द्वारा उसका सामाजीकरण होता है तथा अपने समाज के उपयोगी हिस्सा बनने हेतु उसे जिस कौशल व ज्ञान की आवश्यकता होती है, उसे ग्रहण करता है। वैसे सामाजीकरण एक सामाजिक प्रक्रिया है जहां व्यक्ति अपना व्यवहार समाज की अपेक्षा व आवश्यकताओं के अनुरूप ढालता है।


भारतीय परिप्रेक्ष्य में शिक्षण की विकसित संस्थाएं प्राचीनकाल से स्थित रही हैं।

शिक्षा गुरू-शिष्य परम्परा के माध्यम से ही प्रतिपादित होती थी। नालन्दा, तक्षशिला व विक्रमशिला प्राचीन काल के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय व अधिगम केन्द्र थे। प्राचीन भारत में जो शिक्षा दी जाती थी उसमें आध्यात्मिकता का सम्मिश्रण होता था तथा शिक्षा पूर्ण सत् व सत्य की प्राप्ति में सहायक होती थी उक्तकालीन शिक्षा के यह प्रमुख अंग होते थे-


- आलोचनात्मक समीक्षा: दर्शन, मूल्य, तर्क, गणित, साहित्य, व्याकरण आदि । 


- तकनीकी एवं वृत्तिक कौशल व ज्ञान: आयुर्वेद, वास्तुशास्त्र इत्यादि।


- आतंरिक अध्ययन के विषय: धर्म अध्यात्म, मूल्य मीमांसा जैसे ध्यान, योग इत्यादि । 


मानव मूल प्रवृत्ति से ही सामाजिक प्राणी है। शिक्षा को जब सामाजिक पृष्ठभूमि में समझा जाता है तो उस प्रक्रिया मानव के व्यक्तिगत सत्ता की अवधारणा व विकास से लेकर उसके सामाजीकरण द्वारा समाज के एक हिस्से के रूप में विलय तक की यात्रा, गति, स्तरीकरण, उन्मुखता इत्यादि को ध्यान में रखा जाता है। शिक्षा जब व्यक्तिगत उद्देश्य को लेकर होती है तो उसकी अवधारणा देश-काल के अनुरूप व्यक्तिगत हित व विकास से प्रभावित होती है। व्यक्तिगत उद्देश्य पर ध्यान केन्द्रित करें तो शिक्षा व्यक्ति को निपुण, सफल व समर्थ बनाने में सहायक होती है। शैक्षिक विचारों में रूसों का रूमानीवादी प्रकृतिवाद' इस बात पर बल देता है कि हर व्यक्ति का अपना स्वयं का व्यक्तित्व है जिसे वो सामाजिक बंधनों में बांधकर अपनी मूल प्रवृत्ति से परामुख नही हो सकता। रूसों ने व्यक्तित्व निखारने के लिए समाज को हाशिये पर रखा किन्तु उनके शैक्षिक विचारों को वह सत्यापन स्वीकृति नहीं मिली जो मिलनी चाहिए क्योंकि कहीं ना कहीं वह व्यक्ति व समाज को परस्पर विरोधी बताते हैं।