कोष प्रवाह विवरण के तैयार करने में भ्रमित करने वाली मदें - Confusing Items in Preparation of Funds-Flow Statement

कोष प्रवाह विवरण के तैयार करने में भ्रमित करने वाली मदें - Confusing Items in Preparation of Funds-Flow Statement


कोष प्रवाह विवरण तैयार करने में 'Provision for taxation' एवं 'Proposed dividend' मुख्यतः दो ऐसी मदें है जो विद्यार्थी को सबसे अधिक भ्रमित करती है। इसका कारण यह है कि विभिन्न पुस्तकों में इनका व्यवहार अलग-अलग प्रकार से किया गया है। इतना ही नहीं, एक ही पुस्तक में भी कुछ प्रश्न एक ढंग से किये गये है तो कुछ अन्य प्रश्न दूसरे ढंग से किये गये हैं। इनकी विस्तृत विवेचना निम्नलिखित है: 


करों के लिए आयोजन (Provision for Taxation)


इस मद के व्यवहार की दो वैकल्पिक विधियाँ है। पहली विधि के अर्न्तगत कर आयोजन को चालू दायित्व की भाँति मानकर तथा दूसरी विधि के अर्न्तगत लाभों का नियोजन या आन्तरिक कोष मानकर व्यवहार किया जाता है।


(i) चालू दायित्व के रूप में (As a Current Liability) - करों के आयोजन को जब चालू दायित्व माना जाता है तो चिट्ठों में कर आयोजन की दी हुई राशियों को कार्यशील पूँजी में परिवर्तन की अनुसूची में चालू दायित्वों में दिखाकर कार्यशील पूँजी में कमी या वृद्धि को दिखा देगें। इसके बाद प्रश्न में नीचे दी गई अतिरिक्त या पूरक सूचनाओं में यदि वर्ष में आय कर की भुगताने के बारे में कोई सूचना दी हुई हैं तो इसका ध्यान नहीं रखा जायेगा अर्थात् वर्ष में किये गए भुगतान की राषि को अब कोष प्रवाह विवरण में उपयोग के रूप में नहीं दिखाया जाएगा। इसके अतिरिक्त वर्ष में लाभ-हानि खाते से किए गए आयोजन की राशि को भी समायोजित लाभों की गणना करने के लिए पुनः नहीं जोड़ा जाएगा। इस प्रकार कर के पश्चात् के लाभों (Profit after tax) को ही कोष का साधन माना जायेगा।


(ii) आन्तरिक कोष के रूप में (As an Internal Reserve) - करों के लिए आयोजन को आन्तरिक कोष व लाभों के नियोजन की भाँति भी माना जा सकता है

क्योंकि चिट्टे की तिथि को इसके विरूद्ध कोई दायित्व नहीं होते एवं वह राशि व्यापार में ही रहती है। अतः इसे कार्यशील पूँजी में परिवर्तन की अनुसूची में बिल्कुल नहीं दिखाया जाता हैं। इसके लिए करारोपण हेतु प्रावधान खाता (Provision for Taxation Account) अलग से खोलना चाहिए। इसमें प्रारम्भिक एवं अन्तिम शेष को क्रमश: क्रेडिट एवं डेबिट पक्ष में दिखाया जाता है तथा वर्ष में कर हेतु किए गए भुगतान की राशि को डेबिट में दिखाया जाता है इसके बाद क्रेडिट पक्ष का शेष इस वर्ष लाभ-हानि खाते से की गई कर आयोजन की राशि को बतायेगा जिसे समायोजित लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में लिखा जाएगा। चालू वर्ष में कर करे लिए भुगतान की गई राशि को कोष-प्रवाह विवरण में कोषों के उपयोग के रूप में दिखाया जाता है। यदि प्रश्न में वर्ष में चार्ज की गई राशि अथवा वर्ष में भुगतान की गई कर की राशि नहीं दी गई है तो उसकी रकम को करो के लिए आयोजन खाता तैयार करके ज्ञात किया जा सकता है।


यदि इसे चालू दायित्व मानकर व्यवहार किया जाता है तो कार्यशील पूँजी में परिवर्तन की अनुसूची में गत वर्ष में 40,000 एवं चालू वर्ष में 50,000 रूपये लिखकर 10,000 रूपये कार्यशील पूँजी में कमी के स्तम्भ में दिखा दिए जाते। इसके पश्चात् इसका लेखा न तो समायोजित लाभ-हानि खाते में ही किया जाता है और न ही कोष प्रवाह विवरण में ।


उपरोक्त दोनों विधियों से उत्तर अलग-अलग आएगें, परन्तु दोनों ही तरीके ठीक है अर्थात् विद्यार्थी परीक्षा में किसी भी विधि का प्रयोग कर सकते है। प्रश्न के अन्त में इस मद के सम्बन्ध में एक नोट लिख देना चाहिए कि हमने प्रश्न ऐसे किया है, परन्तु इसके स्थान पर ऐसा भी कर सकते है। मेरी दृष्टि में प्रथम विकल्प ही विद्यार्थियों के दृष्टिकोण से अधिक उपर्युक्त है, अतः इस पुस्तक में प्रथम विकल्प को ही अपनाया गया है।

इसके अतिरिक्त भारतीय कम्पनी अधिनियम की धारा 211 के अनुसार, अनुसूची 6 के भाग 1 में आर्थिक चिट्ठे के दिये गये प्रारूप में करों के लिए आयोजन की रकम को चालू दायित्व एवं आयोजन (Current Liabilities and Provisions) शीर्षक के अर्न्तगत ही दर्शाया जाता है।


परन्तु कुछ व्यक्तियों का कहना है कि चिट्ठे में प्रदर्शित कर आयोजन का और कर के वास्तविक भुगतान के बीच लम्बा समयान्तर होने के कारण इसे कार्यशील पूँजी की गणना से अलग रखना ही उचित है अर्थात् इसे चालू दायित्व नहीं माना जाना चाहिए । प्रस्तावित लाभांश (Proposed Dividend)


करों के लिए आयोजन के समान ही प्रस्तावित लाभांश के व्यवहार की भी दो वैकल्पिक विधियाँ है।

पहली विधि के अर्न्तगत प्रस्तावित लाभांश को चालू दायित्व मानकर तथा दूसरी विधि के अर्न्तगत लाभों का नियोजन या आन्तरिक कोष मानकर व्यवहार किया जाता है।


(i) चालू दायित्व के रूप में (As a Current Liability) - इस परिस्थिति में, प्रस्तावित लाभांश को कार्यशील पूँजी में परिवर्तनों की अनुसूची में दिखाया जाएगा। चालू वर्ष में पिछले वर्ष के प्रस्तावित लाभांश में से किए गए लाभांश का भुगतान कोष प्रवाह विवरण में कोष के उपयोग के रूप में नहीं दिखाया जाएगा क्योंकि ऐसा भुगतान दो चालू खातों (रोकड खाता तथा प्रस्तावित लाभांश खाता) को प्रभावित करने के कारण कोष या कार्यशील पूँजी को प्रभावित नहीं करेगा। संचालन से कोष की जानकारी करने के लिए चालू वर्ष के लिए प्रस्तावित लाभांश को समायोजित लाभ-हानि खाते में भी डेबिट नहीं किया जाएगा क्योंकि चालू दायित्व होने के कारण यह एक व्यापारिक प्रभार माना जाएगा न कि लाभों का नियोजन ।


(ii) आन्तरिक कोष के रूप में (As an Internal Reserve) - इस परिस्थिति में प्रस्तावित लाभांश को कार्यशील पूँजी में परिवर्तनों की अनुसूची में नहीं दिखाया जाएगा। चालू वर्ष में पिछले वर्ष के प्रस्तावित लाभांश का भुगतान कोष का उपयोग माना जाएगा क्योंकि इससे चालू दायित्व में कमी हुए बगैर चालू सम्पत्ति (रोकड़) में कमी होती है।


परन्तु चालू वर्ष के चिट्टे में प्रदत्त प्रस्तावित लाभांश की रकम जिसका भुगतान आगामी वर्ष में किया जाएगा। उसे संचालन से कोषों की गणना करने के लिए समायोजित लाभ-हानि खाते (Adjusted P. & L. A/c) की डेबिट में लिखा जाएगा। सदैव ध्यान रखें कि यदि लाभांश की घोषणा का लेखांकन नहीं हुआ है तो उसे कहीं नहीं दर्शाया जाएगा। यह भी ध्यान रखना होगा कि यदि लाभांश घटाने के पूर्व के लाभों की राशि के आधार पर संचालन से कोषों की गणना की जा रही है तो चालू वर्ष में प्रस्तावित लाभाश की राशि को समायोजित लाभ-हानि खाते की डेबिट में नहीं लिखा जाएगा।


कभी-कभी चिट्टे में प्रस्तावित लाभांश नहीं दिया हुआ होता है और अलग से भी सूचना नहीं दी हुई होती है। ऐसी स्थिति में यह देखना चाहिए कि लाभ-हानि खाते के शेष में वृद्धि की रकम वर्ष के लाभ से नियोजन की मदों की रकम को घटाने के बाद बचने वाली रकम के बराबर है या नहीं।