सम-विच्छेद चार्ट का बनाना - Construction of a Breakeven Chart
सम-विच्छेद चार्ट का बनाना - Construction of a Breakeven Chart
इसको तैयार करने की विधि सक्षेप में इस प्रकार है-
(1) सम- विच्छेद चार्ट में क्षैतिज रेखा (भुजाक्ष या X- अक्ष) पर विक्रय अथवा उत्पादन क्षमता प्रदर्शित की जाती है। अतः इस रेखा पर इन अंको के दर्शाने के लिए उपयुक्त पैमाने का चयन करना चाहिये।
(2) चार्ट में लम्बवत् रेखा ( कोटि-अक्ष या Y - अक्ष) पर लागतों और आगम के समक प्रदर्शित किये जाते हैं। अतः इस प्रदर्शन के लिये उपयुक्त पैमाने का चयन करना चाहिये।
(3) क्षैतिज रेखा के समानान्तर स्थिर लागत रेखा खींचनी चाहिये ।
(4) लम्बवत् रेखा पर स्थिर लागतों के प्रारम्भिक बिन्दु से ऊपर की ओर परिवर्तनशील लागते दिखलायी जाती है।
यह ध्यान रखना चाहिये कि सामान्य सम-विच्छेद चार्ट पर परिवर्तनशील लागत रेखा नहीं दिखलायी जाती है। स्थिर व्ययों के ऊपर परिवर्तनशील लागतों को प्रदर्शित करने वाली रेखा कुल लागत रेखा कहलाती है तथा कुल लागत रेखा और स्थिर लागत रेखा के बीच लम्बवत् दूसरी परिवर्तनशील लागत प्रदर्शित करती है।
(b) मूल बिन्दु या शून्य से प्रारम्भ कर अधिकतम विक्रय बिन्दु पर समाप्त करते हुये "विक्रय रेखा' या 'कुल आगम रेखा खींचनी चाहिये। विक्रय रेखा कुल लागत रेखा को जिस बिन्दु पर काटती है, वह बिन्दु सम-विच्छेद बिन्दु कहलाता है। इस बिन्दु के बायीं ओर कुल लागत रेखा और विक्रय रेखा के बीच फैलाव (space) हानि क्षेत्र कहलाता है। इसी तरह बिन्दु के दायीं ओर विक्रय रेखा और कुल लागत रेखा के बीच फैलाव लाभ क्षेत्र कहलाता है। कुल विक्रय और सम-विच्छेद बिन्दु पर स्थित विक्रय का अन्तर सुरक्षा सीमा कहलाता है।
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