पूँजी के विभिन्न स्त्रोतों की लागत - cost of different sources of capital

पूँजी के विभिन्न स्त्रोतों की लागत - cost of different sources of capital


पूँजी संरचना में पूँजी की लागत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, अत: विभिन्न प्रतिभूतियों से धन एकत्रित करते समय पूँजी की लागत को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। अज अतिरिक्त पूँजी का निर्गमन करना हो उस समय यह समस्या विशेष रूप से उपस्थिति होती है कि अतिरिक्त पूँजी किस साधन से प्राप्त की जाए? एक अन्य महत्वपूर्ण समस्या यह उत्पन्न होती है कि यदि एक से अधिक साधनों से पूँजी प्राप्त करनी हो तो विभिन्न साधनों का मिश्रण क्या हो? उपर्युक्त दोनों ही समस्याओं के समाधान के लिए पूँजी की लागत को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाता है, क्योंकि पूँजी की लागत व्यवसाय की लाभ अर्जन शक्तिपर सीधा प्रभाव डालती है। अत: पूँजी की लागत का आशय उस मूल्य से है जो पूँजी के प्रयोगकर्ताओं द्वारा पूँजी प्रदाता को उसके उपयोग के बदले चुकायी जाती है। विभिन्न स्रोतों से पूँजी की विभिन्न लागतें होती हैं। पूँजी की लागत में अंतर विभिन्न पूँजी स्रोतो से जुड़े जोखिम में अंतर के कारण होता है।

कम जोखिम वहन करने वाली पूँजी की लागत कम तथा ज्यादा जोखिम वहन करने वाली पूँजी की लागत ज्यादा होती है।


आई.एम. पाण्डेय के शब्दों में पूँजी की लागत प्रत्याय की उस दर को कहा जाता है जो किसी निवेश पर फर्म इसलिए प्राप्त करना चाहती है ताकि वह बाजर में फर्म के मूल्य में वृद्धि कर सकें दूसरे शब्दों में पूँजी की लागत वह न्यूनतम दर है जिसे प्रत्येक फर्म को अपने प्रत्येक निवेश पर अर्जित करना होता है जिससे फर्म के बाजार मूल्य को गिरने से रोका जा सके।" अतः वित्तीय प्रबंधक को चाहिए कि व्यवसाय की आय पर पूँजी की लागत का अनावश्यक भार न पड़े। संस्था अनुकूलतम पूँजी संरचना उस बिंदु पर प्राप्त करती है, जहाँ संस्था की पूँजी प्राप्त करने की समग्र लागत न्यूनतम हो।


किसी उपक्रम को किसी साधन से मिलने वाली शुद्ध धनराशि तथा उसके ऊपर पड़ने वाले दायित्व के आपसी अनुपात को पूँजी की लागत कहते हैं।


प्रकार


पूँजी की लागत दो प्रकार की होती है -


(1) विशिष्ट पूँजी लागत का अभिप्राय विभिन्न प्रकार की पूँजी की अलग-अलग पूँजी की अलग-अलग पूँजी लागत से होता है। एक वित्त पूँजीकरण की प्रक्रिया में एक आदर्श पूँजी ढाँचे की पहचान करता है, पूँजी का एक आदर्श मिश्रण होता है। अतः विभिन्न प्रकार की पूँजी से संबंधित धन वापसी तथा ब्याज / लाभांश भुगतानकी शर्ते तथा जोखिम भी अलग-अलग होता है। अतः पूँजी की लागत जोखिम की मात्रा से प्रभावित होती हैं, पूँजी के प्रत्येक स्रोत की अपनी विशिष्ट लागत होती है।


विशिष्ट पूँजी लागतें मुख्यत: तीन होती हैं -


(1) ऋण पूँजी की लागत


(2) अधिमान पूँजी लागत


(3) समता पूँजीकी लागत


(2) औसत पूँजी लागत- सामान्यतः पूँजी की लागत का तात्पर्य औसत पूँजी लागत से होता है।


(1) सामान्य औसत पूँजी लागत तथा 


(2) भारित औसत पूँजी लागत।