पाठ्यक्रम के उद्देश्य - Course Objectives

पाठ्यक्रम के उद्देश्य - Course Objectives


शिक्षा की प्रक्रिया के तीन प्रमुख तत्व हैं- शिक्षक, विद्यार्थी और पाठ्यक्रमा पाठ्यक्रम से साधारणत: अभिप्राय उन विषयों से है जो शिक्षण संस्थानों में पढ़ाए जाते हैं। परंतु वर्तमान शिक्षा का स्वारूप भिन्नि एवं व्यापक हो गया है। अब पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय का समस्त कार्य विभिन्न विषयों का ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य, शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन विधियाँ आदि सभी आती है। पाठ्यक्रम के निम्नलिखित उद्देश्य होते हैं


1. क्या और कैसे का ज्ञान - विद्यार्थी को क्या और किस प्रकार की शिक्षा दी जाए, यह पाठ्यक्रम से ज्ञात होता है।


2. बच्चे के व्यक्तित्व और चिंतन का विकास - पाठ्यक्रम चिंतनशील मानव को आधार प्रस्तुत कर बुद्धि का विकास करता है। यह विद्यार्थी के प्राकृतिक गुणों तथा शक्तियों का समुचित विकास करने वाला होना चाहिए।


3. आदर्श नागरिकों का निर्माण - पाठ्यक्रम आदर्श नागरिकों के निर्माण में सहायक होना चाहिए। यह रंग-भेद, जातिभेद, लिंग-भेद इत्यादि भेदभाव की भावना से रहित हो।


4. चारित्रिक विकास - सत्यभ, सेवा, त्याग, परोपकार, सहयोग, प्रेम आदि मनुष्य के नैसर्गिक गुणों को विकसित करके उन्हीं के अनुसार आचरण कराना पाठ्यक्रम का उद्देश्य होना चाहिए। 


5. बालकों की रुचियों पर आधारित - पाठ्यक्रम का निर्माण विद्यार्थियों की रुचि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।


पाठ्यक्रम में इस बात का समावेश होना चाहिए कि मनुष्या क्याठ जानता है? उसमें साहित्य, विज्ञान, गणित, भूगोल आदि परंपरागत विषय संक्षेप में होना चाहिए।


रॉस के अनुसार, विद्यालयों में उन विषयों अथवा क्रियाओं का प्रबंध होना चाहिए, जिनके द्वारा मनुष्य की भावनाओं की तुष्टि कला, गायन तथा कविता के माध्यम से हो सकें।