वाल्टर मॉडल की आलोचनाएँ - Criticisms of the Walter Model

वाल्टर मॉडल की आलोचनाएँ - Criticisms of the Walter Model


विद्वानों द्वारा की गई वाल्टर के मॉडल की निम्नलिखित आलोचनाएँ उल्लेखनीय है-


1. बाह्य स्त्रोतों से वित्तीयन नहीं - वाल्टर मॉडल की यह मान्यता सही नहीं है कि कंपनी केवल प्रतिधारित आय से ही अपने लिए वित्त की व्यवस्था करती है। व्यवहार में अनेक कंपनियाँ अपने वित्त की व्यवस्था नए अंशों या ऋण पत्रों के निर्गमन से करती है।


2. स्थिर पूँजी लागत बाजार की परिस्थितियों के बदलने पर पूँजी लागत भी परिवर्तित होती है। अतः वाल्टर की यह मान्यता की पूँजी की लागत स्थिर तहती है, सही नहीं है।


3. स्थिर आंतरिक प्रत्याय दर वाल्टर के इस मॉडल में यह भी मानकर चला जाता है कि कंपनी का आंतरिक प्रत्याय दर स्थिर रहता है। यह मान्यता सही नहीं है, क्योंकि व्यवहार में विनियोगों में वृद्धि होने के साथ-साथ प्रत्याय दर में कमी आती जाती है।


इस प्रकार से वाल्टर का लाभांश मॉडल बहुत व्यावहारिक नहीं है और यह कुछ ही परिस्थितियों में व्यावहारिक रूप में लागू होता है।