पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम में संबंध - Curriculum and Curriculum Relationship

पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम में संबंध - Curriculum and Curriculum Relationship


पाठ्यचर्या को 'कुरीकुलम' तथा पाठ्यक्रम को सेलेबस या कोर्स ऑफ स्टअडी' कहा जाता है। पाठ्यचर्या में ज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक तीनों पक्षों से संबंधित तथ्य स्पष्ट होते हैं, जबकि पाठ्यक्रम में केवल ज्ञानात्मक पक्ष से संबंधित तथ्य की क्रमबद्धता होती है। इस प्रकार पाठ्यचर्या व्यापक होता है और पाठ्यक्रम सकुंचित होता है। उदारहणार्थ- यह कहा जाए कि हाईस्कूल की 'पाठ्यचर्या' तो इसके अंतर्गत माध्यामिक स्तर में पढ़ाए जाने वाले समस्त विषय के पढ़ने योग्या तथ्यों को क्रमिक रूपरेखा, शिक्षक के लिए निर्देश, पाठ्यसहभागी क्रियाकलापों का विवरण आदि सभी समाहित होगा, जबकि पाठ्यक्रम माध्यमिक स्तर में पढ़ाने जाने वाले किसी एक विषय से संबंधित होगा जैसे संस्कृत का पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या में अंतर व्यक्त करते हुए रॉबर्ट डोन्टंर्स ने ठिक ही लिखा है कि “पाठ्यचर्या विद्यालय में वर्ष भर विभिन्न विषयों में शिक्षक द्वारा शिक्षार्थियों को दिए जाने वाले ज्ञान की मात्रा के विषय में निश्चित जानकारी प्रस्तुत करता है, जबकि पाठ्यक्रम यह प्रदर्शित करता है कि शिक्षक किस प्रकार की शैक्षिक प्रवृत्तियों के माध्यम से पाठ्यचर्या की जरूरतों को पूरा करेगा।"