पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या - Curriculum and Curriculum

पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या - Curriculum and Curriculum


पाठ्यविषयों के सीमित अर्थ में पाठ्यक्रम तथा पाठ्यचर्या को समानार्थी शब्दो के रूप में जाना जाता रहा है। परंतु पाठ्यक्रम के व्यापक दृष्टिकोण के अनुसार इन दोनों में अंतर है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत वे सभी अनुभव आ जाते हैं, जिन्हें छात्र विद्यालयीन जीवन में प्राप्त करता है, इसमें पाठ्य एवं पाठ्येत्तदर क्रियाएँ सम्मिलित हैं। जबकि पाठ्यचर्या में पाठ्यविषयों से संबंधित क्रियाएँ सम्मिलित होती हैं। इस प्रकार पाठ्यचर्या शिक्षण के लिए तैयार किसी विषय वस्तुं का विवरण है।


एक विद्वान के अनुसार पाठ्यचर्या पूरे शैक्षिक सत्र में विभिन्नि विषयों में शिक्षक द्वारा छात्रों को दिए जाने वाले ज्ञान की मात्रा के विषय में निश्चित जानकारी देता है, जबकि पाठ्यक्रम से यह प्रदर्शित होता है कि शिक्षक किस प्रकार की शैक्षिक क्रियाओं के द्वारा पाठ्यचर्या की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। अर्थात् पाठ्यचर्या शिक्षण की विषयवस्तु का निर्धारण करता है तथा पाठ्यक्रम उसे देने के लिए प्रयुक्त विधि का।


पाठ्यचर्या का संबंध ज्ञानात्मक पक्ष के विकास से होता है, जबकि पाठ्यक्रम का संबंध बालक के संपूर्ण विकास से होता है। विद्यालय के अंदर शिक्षण क्रियाओं का संबंध ज्ञानात्म क पक्ष से होता है। खेलकूद तथा शारीरिक प्रशिक्षण का संबंध शारीरिक विकास से होता है। सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास हेतु कार्यक्रमों एवं विशेष पर्वों को मनाने का आयोजन किया जाता है। एन.सी.सी. तथा एनउटिंग आदि के द्वारा नेतृत्वी के गुणों का विकास होता है। इस प्रकार पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की समस्त क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है तथा इसका स्वरूप व्यापक होता है, जबकि पाठ्यचर्या का स्वरूप सुनिश्चित होता हैं तथा इसके अंतर्गत शिक्षण विषयों के प्रकरणों को ही सम्मिलित किया जाता है।