पर्यावरण शिक्षा का पाठ्यक्रम - Curriculum Of Environmental Education

पर्यावरण शिक्षा का पाठ्यक्रम - Curriculum Of Environmental Education


स्पष्ट है कि पर्यावरण शिक्षा एक व्यापक तथा एकीकृत शैक्षिक प्रयास है जिसमें व्यवहार परिशोधन के तीनों पक्ष-ज्ञानात्मवक, भावात्मक तथा क्रियात्माक पक्ष समाहित रहते हैं। पर्यावरण शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य विश्व जनसंख्या को पर्यावरण तथा उससे सम्बन्धित समस्याओं के प्रति सजग व क्रियाशील करना है जिससे वे पर्यावरण सरंक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की भावना का विकास करके इस दिशा में यथासंभव प्रयास कर सकें।


पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्यों में पर्यावरण के प्रति अपेक्षित अभिवृत्ति, अभिप्रेरणा तथा निष्ठा के विकास पर बल दिया जाता है। इसके अनुरूप पाठ्यक्रम होना आवश्यक है। विषय-वस्तुक केन्द्रित पाठ्यक्रम के द्वारा इन उद्देश्यों की प्राप्ति में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। इस दृष्टि से पाठ्यक्रम का अनुभव पर आधारित एवं उसके विकेन्द्रित स्वरूप अपनाने की बात ज्यादा कारगर सिद्ध हो सकती है क्योंकि बच्चों के पर्यावरण में विविधता है

चाहे वह भौतिक पर्यावरण हो या मनोवैज्ञानिक अथवा सामाजिक पाठ्यक्रम में लचीलापन एवं विविधता लाने की आवश्यकता राष्ट्रीय स्तर पर महसूस की गई है। इसी प्रकार जहाँ तक पर्यावरण शिक्षा के लिये मूल्यआ निर्धारण के उद्देश्यर निर्धारित करने की बात है उसके अनुरूप भी पाठ्यक्रम तय करना आवश्यक है । इस पाठ्यक्रम की प्रकृति अन्तर्विषयक ( Interdisciplinary) होती है । अतः कई विधाओं एवं आवश्यकताओं तथा सन्दर्भों के अनुरूप पाठ्यक्रम का स्वरूप विकसित होता रहता है।


पर्यावरण शिक्षा के प्रत्यय से स्पष्ट है कि पर्यावरण शिक्षा की मुख्य पाठ्यवस्तु पर्यावरण, पर्यावरण प्रदूषण के कारण, पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रणाम तथा पर्यावरण संरक्षण व सुधार के उपाय हैं।

जैसा की ऊपर बताया गया है कि पर्यावरण शिक्षा को एक अन्तर्विषयी अध्ययन क्षेत्र के रूप में भी स्वीकार किया जाता है जिससे पारिस्थितिकी की सामाजिक, सांस्कृपतिक व अन्यू प्रकार की विभिन्न समस्याओं का अध्यायन किया जाता है। पर्यावरण शिक्षा के पाठ्यक्रम में निम्नवत बातों को सम्मिलित किया जा सकता है


1. मानव तथा पर्यावरण


2. जनसंख्या वृद्धि तथा नगरीकरण


3. पारिस्थितिकी


4. अर्थशास्त्री तथा पर्यावरण


5. नगरीय तथा क्षेत्रीय नियोजन


6. प्राकृतिक संसाधन


7. सरकारी नीति तथा नागरिक


8. वृक्ष एवं जल संसाधन


9. वन्य जीव संसाधन


10. प्रदूषण समस्या


11. प्रदूषण कम करने के उपाय


12. बाह्य मनोरंजन क्रियाएँ


इकाई - 1


• परिचय


• पर्यावरण का अर्थ और इसके घटक


• पर्यावरण क्षरण


• प्रदूषण - अर्थ, प्रकार, नियंत्रण के उपाय ।


• जंगलों का विनाश, भूमि अपरदन, ग्रीन हाउस प्रभाव, ओजोन परत का विघटन ।


इकाई - 2


• पर्यावरण शिक्षा का अर्थ, क्षेत्र तथा प्रकृति


• पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्य, आवश्यकता और महत्व


• पर्यावरण शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारक


• पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास


इकाई - 3


• शिक्षा द्वारा पर्यावरण जागरूकता


प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्तर पर पर्यावरण शिक्षा के कार्यक्रम


• पर्यावरण शिक्षा का पाठ्यक्रम


• बच्चों में पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण परिवर्तन के कार्यक्रम


इकाई - 4


• पर्यावरण शिक्षा के उपागम और विधियाँ ।


• प्रभावी पर्यावरण शिक्षा के लिये युक्तियाँ- संवाद, संगोष्ठीर, कार्यशाला, समस्याप समाधान, क्षेत्र सर्वे, परियोजना और प्रदर्शनी ।


• संचार माध्ययमों की भूमिका फिल्म और दूरदर्शन की पर्यावरण शिक्षा में भूमिका । 


• पर्यावरण जागरूकता के विकास के लिये शिक्षक की भूमिका और उत्तरदायित्व