संप्रेषण मनोविज्ञान - Cybernetics
संप्रेषण मनोविज्ञान - Cybernetics
संप्रेषण मनोविज्ञान संप्रेषण एवं नियंत्रण की एक व्यवस्था है जो पृष्ठ पोषण नियंत्रण तथा स्वतः क्रिया द्वारा शिक्षार्थियों के व्यवहार में आवश्यक परिवर्तन लाता है । यह उद्दीपन-अनुक्रिया सिद्धांत पर आधारित है। इसमें शिक्षक एवं शिक्षार्थी के बीच हो रहे अंतःक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाता है इस अंतःक्रिया में शिक्षार्थी एवं शिक्षक के बीच संप्रेषण एवं नियंत्रण चलता रहता है। किसी दिये गए उद्दीपन के प्रति सही अनुक्रिया का पुनर्बलन तथा अनुक्रिया से प्राप्त पृष्ठ पोषण द्वारा इस अंतःक्रिया या संप्रेषण को नियंत्रित किया जाता है । यह मनुष्य को एक मशीन मानता है जिसमें निर्गत का एक भाग पृष्ठपोषण के रूप में व्यवहार में लाया जाता है जिससे स्वचालित रूप में निवेश की संरचना तथा क्रियाओं में आवश्यक सुधार लाया जाता है। इसमें विषयवस्तु को विद्यार्थियों तक संप्रेषित करनेवाली व्यूह रचना का कार्य विश्लेषण किया जाता है। यह स्वतः शिक्षा को बढ़ावा देता है।
शैक्षिक तकनीकी के संप्रेषण मनोविज्ञान उपागम के निम्न सोपान हैं
1. उद्दीपन ( Stimulus) : इसमें विषयवस्तु एक उद्दीपन के रूप में (प्रश्न, उदाहरण या प्रसंग ) चयनित संप्रेषण युक्तियों (विचार-विमर्श, व्याख्या, प्रश्नोत्तरी या संवाद) द्वारा विद्यार्थियों को प्रेषित की जाती है।
2. अनुक्रिया (Response): इसमें शिक्षार्थी उद्दीपन के उत्तर में अनुक्रिया करते हैं।
3. सही अनुक्रिया का पुनर्बलन (Reinforcement of Correct Response) :
सही अनुक्रिया का पुनर्बलन किया जाता है ताकि भविष्य में शिक्षार्थी समान उद्दीपन परिस्थितियों में इसी प्रकार की अनुक्रिया करें । अनुक्रिया से प्राप्त पृष्ठ पोषण संप्रेषण युक्तियों या विषयवस्तु में आवश्यक परिवर्तान लाता है ताकि शिक्षार्थी के व्यवहार में वांछनीय परिवर्तन हो । संप्रेषण एवं नियंत्रण व्यवस्था में निम्नलिखित दो प्रकार के संप्रेषण हो सकते हैं मुक्त पाश व्यवस्था तथा आवृत पाश व्यवस्था ।
मुक्त पाश व्यवस्था (Open Loop System)
इस संप्रेषण व्यवस्था में निर्गत का निवेश पर कोई प्रभाव नहीं होता यानी प्रदा द्वारा कोई पृष्ठ पोषण संकेत नहीं मिलता जिससे निवेश में आवश्यक सुधार लाकर संप्रेषण को प्रभावशाली बनाया जा सके।
आवृत पाश व्यवस्था (Closed Loop System):
इस संप्रेषण व्यवस्था में निर्गत या शिक्षार्थी अनुक्रिया, निवेश या उद्दीपन में सुधार लाता है ताकि संप्रेषण व्यवस्था को सबल बनाया जा सके।
शैक्षिक तकनीकी के संप्रेषण मनोवैज्ञानिक उपागम का उपयोग कक्षा शिक्षण में, अभिक्रमित अध्ययन में, शिक्षण प्रतिमानों के निर्माण में तथा पृष्ठ पोषण के द्वारा शिक्षक के व्यवहार परिवर्तन के लिए किया जाता है।
शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न उपागमों के उपर्युक्त विवेचना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि शैक्षिक तकनीकी का हार्डवेयर उपागम शैक्षिक प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने के लिए यांत्रिक उपकरणों का प्रयोग है। यह ज्ञान के संचयन, प्रसारण तथा विकास की प्रक्रिया को सहारा प्रदान करता है तथा इसे अधिक विश्वसनीय एवं सबल बनाता है। शैक्षिक तकनीकी का सॉफ्टवेयर उपागम सीखने के सिद्धांतों के आधार पर शिक्षण युक्तियों का निर्माण कर शिक्षण प्रक्रिया को समृद्ध करता है। शैक्षिक तकनीकी का तंत्र उपागम शैक्षिक प्रशासन तथा अनुदेशन के प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए एक क्रमबद्ध व्यवस्था है जो समग्र रूप में इनका अध्ययन करता है। शैक्षिक तकनीकी का संप्रेषण मनोवैज्ञानिक उपागम संप्रेषण एवं नियंत्रण की एक व्यवस्था है जो पृष्ठ पोषण नियंत्रण का उपयोग कर पाठ्यवस्तु संप्रेषण तथा शिक्षार्थीशिक्षक अंतः क्रिया को प्रभावकारी बनाता है।
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