पाठ्यचर्या की परिभाषाएँ - definitions of curriculum
पाठ्यचर्या की परिभाषाएँ - definitions of curriculum
पाठ्यचर्या के अर्थ संबंधी विविध मतों के अवलोकन के पश्चात इसके अधिक स्पष्टता के लिए विविध शिक्षाविदों द्वारा दी गई परिभाषाओं को जानना आवश्यक है, जिससे इस संबंध में उचित धारणा बनाई जा सके। कुछ प्रमुख परिभाषाएँ निम्नवत हैं
1. क्रो और क्रो – “पाठ्यचर्या में विद्यार्थियों के विद्यालय या उसके बाहर के वे सभी अनुभव शामिल हैं, जो अध्ययन कार्यक्रम में रखे हैं, जिसकी आयोजना उसके मानसिक, शारीरिक, संवेगात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक और नैतिक स्तर पर विकास में सहायता के लिए होता है।"
2. रडयार्ड तथा हेनरी व्यापक अर्थ में पाठ्यचर्या के अंतर्गत विद्यालय का समस्त परिवेश आता है, जिसमें विद्यालय में प्राप्त सभी प्रकार के संपर्क, पाठ्य क्रियाएँ तथा विषय शामिल है।"
"Curriculum in its broadest sense, includes the complete school environment, involving all the courses, activities, reading and association furnished to the pupils in the school."
3. के. जे. सैयदेन पाठ्यचर्या वह सहायक सामग्री है, जिसके द्वारा बच्चा अपने आपको उस वातावरण के अनुकूल ढालता है, जिसमें वह अपना दैनिक कार्य-व्यवहार करता है तथा जिसमें उसके भविष्य की योजनाएँ और क्रियाशीलता निहित है।”
4. कर्निघम “पाठ्यचर्या कलाकार (शिक्षक) का वह साधन है, जिससे कि वह पदार्थ (शिष्य) को अपने
आदर्श (उद्देश्यय) के अनुसार अपनी चित्रशाला (विद्यालय) में चित्रित कर सकें।”
5. केर – “पाठ्यचर्या समस्त अधिगम प्रक्रियाओं से संबंधित है, जो विद्यालय द्वारा नियोजित तथा निर्देशित होती है। ये अधिगम अनुभव एक व्यक्ति के लिए अथवा समूह के लिए विद्यालय में अथवा बाहर आयोजित किए जाते हैं।"
6. ओ. आई. फ्रेडरिक - पाठ्यचर्या के अंतर्गत वैयक्तिक अथवा सामूहिक जीवन के सभी व्यापक क्षेत्र आ जाते हैं। यह सभी वांछित और अर्थपूर्ण क्रियाओं को अपने आँचल में समेटे रहता है।”
7. पाठ्यचर्या के व्यापक अर्थ को प्रकट करते हुए माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952-53) में लिखा है कि
“पाठ्यचर्या का अर्थ केवल उन सैद्धांतिक विषयों से नहीं है जो विद्यालय में परंपरागत रूप से पढ़ाए जाते हैं, अपितु इसमें अनुभवों की वह संपूर्णता भी निहित है, जिसमें बालक विद्यालय, कक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कार्यशाला तथा खेल के मैदान एवं शिक्षक और शिक्षार्थियों के अनगिनत संपर्कों से प्राप्त करता है, इस प्रकार विद्यालय का संपूर्ण जीवन पाठ्यचर्या बन गया है, जो छात्रों से सभी पक्षों को प्रमाणित कर सकता है तथा विकास में सहायता दे सकता है।"
वार्तालाप में शामिल हों