माँग विश्लेषण - Demand Analysis
माँग विश्लेषण - Demand Analysis
माँग विश्लेषण के अध्ययन में एक कम्पनी का उत्पाद महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है क्योकि इस विश्लेषण से ही व्यावसायिक निर्णय प्रभावित होते हैं। एक व्यावसायिक प्रबन्धक यह निर्णय लेता है कि क्या उत्पादन करना है और कितना उत्पादन करना है? वस्तु के उत्पादन की मात्रा एवं उसकी माँग के विषय में व्यावसायिक प्रबन्धक जानकारी प्राप्त करेगा। माँग विश्लेषण के माध्यम से एक व्यावसायिक प्रबन्धक निम्न बातों की जानकारी प्राप्त करता है
(1) माँग के आकार के निर्धारण तत्व,
(2) माँग की लोच,
(3) कीमतों में परिवर्तन करने से विक्रय प्रोत्साहन की सम्भावना,
(4) विज्ञापन से माँग में होने वाले परिवर्तन, एवं
(5) विक्रय, विस्तृत सूची एवं विज्ञापन लागत आदि के अनुकुलतम स्तर ।
अर्थशास्त्र में माँग का नियम उतना ही प्राचीन है, जितना अर्थशास्त्र है। अर्थशास्त्र प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से माँग के नियम पर आधारित है। यदि यह कहा जाय कि माँग एवं पूर्ति के चारों और संपूर्ण आर्थिक विश्लेषण चक्कर लगा है," इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी माँग के नियम के बिना उपभोग एवं बाजार की विभिन्न दशाओं का अध्ययन नहीं किया जा सकता है माँग की परिभाषा विभिन्न अर्थशास्त्रियों ने विभिन्न रूपों में व्यक्त कि है।
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