शिक्षण-अधिगम या अनुदेशी उद्देश्यों का निर्धारण - Determination of Teaching-Learning or Instructional Objectives

शिक्षण-अधिगम या अनुदेशी उद्देश्यों का निर्धारण - Determination of Teaching-Learning or Instructional Objectives


शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के माध्यम से किस प्रकार की उपलब्धि होगी इस बात का निश्चित शब्दों में निर्धारण करना नियोजन का पहला कार्य होता है। दूसरे शब्दों में, नियोजन की शुरूआत शिक्षण-अधिगम या उद्देश्यों के स्पष्ट निर्धारण से की जानी चाहिए। इन उद्देश्यों का सीधा सम्बन्ध विद्यार्थी के व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन लाने से होता है, जो उसके व्यवहार के सभी पक्षों-ज्ञानात्मक, क्रियात्मक एवं भावनात्मक स्तर में अंतर लाते हैं। अतः किस प्रकार के उद्देश्यों की प्राप्ति कक्षा-कक्ष में किए गए शिक्षण अधिगम प्रयत्नों द्वारा संभव है, इसका वर्गीकरण व्यवहार के तीनों पक्षों के अंतर्गत ही करने के प्रयत्न किए जाते हैं।


इन उद्देश्यों का वर्गीकरण करने की दिशा में अनेक विद्वानों के द्वारा विभिन्न प्रयास किए गए हैं, परन्तु बी. एस. ब्लूम और उनके सहयोगियों के द्वारा किया गया प्रयास प्रशंसनीय है। ब्लूम एवं अन्य विद्वानों ने उद्देश्यों के वर्गीकरण करने में इसी प्रकार की कार्यकुशलता का परिचय देकर शैक्षिक उद्देश्यों को बहुत ही सहज एवं स्पष्ट बना दिया है।