व्याख्यान विधि के दोष - Disadvantages of lecture method
व्याख्यान विधि के दोष - Disadvantages of lecture method
1. इनमें छात्र निष्क्रिय श्रोता बन सकता है।
2. यह विधि निम्न कक्षा के शिक्षण के लिए अनुपयुक्त है।
3. छात्रों को सतत सचेतन रखने में असफल है।
4. कुशल शिक्षक का अभाव विधि की सफलता में बाधक होता है।
5. शिक्षण के सैद्धान्तिक पक्ष पर ही यह विधि केन्द्रित करती है।
6. छात्रों के व्यक्तिगत भिन्नताओं को ज्ञान में नहीं लिया जाता।
7. कमजोर छात्रों के लिए यह पद्धति उपयुक्त नहीं है।
8. व्याख्यान पद्धति शिक्षक केन्द्रित पद्धति है।
9. श्रवण आधारित पद्धति होने के कारण छात्रों का ध्यान केन्द्रीकरण लगातार नहीं रहता।
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