विवाह विच्छेद - Divorce

 विवाह विच्छेद - Divorce


सामान्य रूप से यह माना जाता है कि विवाह-विच्छेद संबंधी अधिकार इस पर निर्भर करता है कि किसी समाज-विशेष में स्त्री-पुरुष की सामाजिक स्थिति कैसी है। प्रायः पितृसत्तात्मक समाजों में पुरुषों को ही इस संबंध में विशेषाधिकार प्राप्त होता है। प्रायः सभी आदिवासी समुदायों में विवाह विच्छेद का अधिकार स्त्री-पुरुष दोनों को होता है। इन समुदायों में बांझपन, नपुंसकता, दुश्चरित्रता, आलसीपन आदि कुछ ऐसे कारण हैं, जिनके आधार पर स्त्री-पुरुष दोनों को ही विवाह विच्छेद का समान अधिकार होता है। बोद और भोटिया समुदायों में वैवाहिक कलह की स्थिति में स्त्रियाँ अपने पतियों से संबंध-विच्छेद करने के लिए स्वतंत्र होती हैं। ज्यादातर विवाह-विच्छेद के मामलों में वधू-मूल्य को लौटाना पड़ता है। यदि एक स्त्री किसी अन्य व्यक्ति से विवाह करना चाहती है तो भावी पति द्वारा पूर्व पति को वधू-मूल्य चुकाना पड़ता है, परंतु यदि वह स्त्री अपने पिता के पास रह रही हो तो यह वधू-मूल्य पिता को मिलता है।