जेंडर में भिन्नता के कारण - due to gender differences
जेंडर में भिन्नता के कारण - due to gender differences
1. अशिक्षा। पिता
2. पितृसत्ता।
3. गरीबी ।
4. रुढ़िवादी विचारधारा
5. धार्मिक।
जेंडर के समीक्षात्मक पक्ष को जब हम देखते हैं तो यह समझ विकसित होती है कि
• जेंडर महिला एवं पुरुष को अलग एवं असमान भूमिका में रखती है और विशेष विशेषण - स्त्रीलिंग एवं पुल्लिंग आवंटित करती है।
• व्यावहारिक रूप से यह स्त्रीलिंग एवं पुल्लिंग को कार्य एवं विशेषण के आधार पर विभाजित करती है जो कि असमान संबंधको प्राकृतिक दिखाती है।
• जेंडर निर्मित है न कि प्रदत्त अगर हम अपना परिप्रेक्ष्य बदल दें तो हम यह महसूस करेंगे कि जेंडर असमानता न हो कर प्रभुत्व की अवधारणा बन गई है और तब जेंडर प्राकृतिक से प्रश्नात्मकता की ओर जाती है।
• जेंडर संबंधस्थिर नहीं है, यह संस्कृति एवं समय के अनुसार बदलते रहते हैं। यह गतिशील है और स्त्रीत्व एवं पुरुषत्व की नई परिभाषाएं समय और परिस्थिति को अनुसार बनती रहती है। इस प्रकार जेंडर की प्रकृति को देखते हुए हम कह सकते है कि जेंडर की अवधारणाओं को बदलने में शिक्षा एक विशिष्ट उपकरण के रूप में कार्य कर सकती है।
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