वैदिक युग में शिक्षा , वैदिककालीन शिक्षा का अर्थ - Education in Vedic Age Meaning of Vedic Education
वैदिक युग में शिक्षा , वैदिककालीन शिक्षा का अर्थ - Education in Vedic Age Meaning of Vedic Education
प्राचिन भारत की शिक्षा के अध्ययन की दृष्टि से आर्यों के आगमन से मुस्लिम राज्य के स्थापना तक के काल खंड को डॉ. अल्टेकर ने चार भागों में विभक्त किया है-
1) प्रारंभ से 1000 ई. पूर्व वैदिक काल ।
2) 1000 ई. पूर्व से 200 है. पूर्व उपनिषद् काल
3) 200 ई. पूर्व से 500 ई. धर्मशास्त्र काल।
4) 500 ई. से 1200 ई. पुराण काल
भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है। प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था आध्यात्मिकता पर आधारित थी। उसका उद्देश्य एक आदर्श जीवन की प्राप्ति कराना था। तत्कालीन शिक्षा में वेद, उपनिषद, धर्म आदि का ज्ञान दिया जाता था।
वैदिक कालीन शिक्षा ही भारत की सर्वप्रथम शिक्षा व्यवस्था मानी जाती है। यह शिक्षा मानवता, सत्य, अहिंसा, प्रेम, त्याग, समर्पण पर आधारित थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बालकों का सर्वागीण विकास करना था। सत्य की खोज करना और माक्ष प्राप्ति हेतु सतत प्रयत्न करते हुए परम परमेश्वर के प्रति असीम श्रद्धा रखना ही इस काल का मुख्य प्रयोजन माना जाता है।
वैदिककालीन शिक्षा का अर्थ
वैदिक काल में ज्ञान को संकल्पना अध्यात्म से जुड़ी थी। जीवन का उद्देश्य आत्मा का परमात्मा में विलीन करना था। ज्ञान प्राप्त करक परमात्मा तक पहुंचा जा सकता था। ज्ञानार्जन करना वैदिक काल में साधना माना जाता था। ज्ञान की साधना करने के कारण ऋषियों-मुनियों का समाज में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।
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