भूक्षरण के प्रभाव - effects of erosion

भूक्षरण के प्रभाव - effects of erosion


भूक्षरण के कारण भूमि की उर्वरक क्षमता प्रभावित होती है तथा मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया से रेतीले प्रदेशों का तेजी से विस्तार होता है। विभिन्न प्रकार की पादप एवं जन्तु प्रजातियाँ भूक्षरण के प्रभाव में विलुप्तन होती जा रही हैं। इसके फलस्वरूप औसत तापमान, वर्षा एवं आर्द्रता में भी परिवर्तन हो जाता है। भूक्षरण को कम करने हेतु निम्न प्रयास किये जाने चाहिए-


1. वनों की अधिक कटाई को रोका जाय तथा झूम व स्थानान्तरण कृषि पद्धति पर नियंत्रण किया जाय।


2. अधिक पशुपालन हेतु निर्धारित चारागाह बनाये जाय ।


3. रासायनिक उर्वरक व कीटनाशकों का प्रयोग कम किया जाय।


4. नदियों के किनारों पर जल अवरोधक बनें तथा अधिक वृक्षारोपण किया जाय।