वित्तीय नियोजन के दौरान विचार करने हेतु आवश्यक घटक - Essential Factors to Consider During Financial Planning

वित्तीय नियोजन के दौरान विचार करने हेतु आवश्यक घटक - Essential Factors to Consider During Financial Planning


व्यवसाय का उचित ढंग से संचालन करना के लिए वित्तीय नियोजन बेहद सावधानी से तयार करना आवश्यक है। वित्तीय योजना का प्रभा लंबे समय तक फैलता है। आज आयोजित किया गया निर्णय भविष्य में लाभकारी या हानिकारक हो सकता हैं। क्योंकि इस निर्णय के परिणाम भविष्य में दिखेंगे। इसलिए वित्तीय नियोजन के दौरान भविष्य के घटनाक्रमों के बारे में विचार करना आवश्यक है। इसके लिए आगे के विचारों को समझना होगा।


1. व्यवसायाकी प्रकृति (Nature of the industry or business) - प्रत्येक उद्योग या व्यापार भिन्न भिन्न है। इसलिए एक उद्योग का नियोजन दूसरे उद्योग को लागू करने के लिए क्या होगा? कई व्यावसायिकों की आवश्यकताएं भी भिन्न भिन्न हैं। व्यावसायिक संपत्ति का आकार,

व्यावसायिक उत्पादन अवधि और संपत्ति या याय का स्रोत यह व्यवसाय के अनुसार अलग भिन्न भिन्न हैं। इस तरह से वित्तीय नियोजन के आरेख तैयार करने के दौरान सभी वित्तीय मामलों के बारे में सोचने के लिए उचित वित्तीय नियोजन आवश्यक है।


2 व्यावसायिकता / उद्योग की साख या नावलौकिक (Goodwill of the Industry ) - उद्योग के बाज़ारपेत में साख या नावलौकिक भी वित्तीय योजना बनाने के दौरान विचार करना आवश्यक है। उद्योग के साख या नावलौकिक मुद्रा बाजार में उनके हिस्से का मूल्य, पिछले समय में किए गए कार्य, व्यवस्थापन की गुणवत्ता आदि शामिल हैं, इत्यादी घटक पर वित्तीय योजना तैयार करते समय विचार करना आवश्यक है।


3. भविष्यकालीन योजना ( Future Planning ) - व्यवसाय की भविष्य योजनाओं का विचार भी वित्तीय नियोजन के दौरान किया जाना चाहिए। निकट भविष्य में व्यापार के विस्तार के लिए योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए आवश्यक धन वर्तमान में जमा करने की जरूरत है। आकर्षक वित्तीय योजना तैयार करने के लिए इसके लिए आवश्यक रूप से पूजी स्रोतों की योजना तैयार करना आवश्यक है। इसके लिए भविष्य की योजना के लिए निधि उपलब्ध कराया जा सके।


4. स्रोत उपलब्धता (Availability of sources) पूजी को प्राप्त करने के लिए विभिन्न - स्रोत उपलब्ध हैं। लेकिन इन सभी स्रोतों का व्यवसाय के लिए उपयोगी होता ही है ऐसा नहीं पूजी के प्रत्येक स्रोत की योग्यता का विश्लेषण करके उसपर निर्णय करना महत्वपूर्ण है।

विभिन्न वित्तीय गतिविधियों में उपयुक्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न मौकों के बारे में विचार करना महत्वपूर्ण है, जिसके लिए पूजी के स्रोत एकत्र किए जा सकते हैं।


5. सामान्य आर्थिक स्थिति (General Economic condition) - देश के और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वित्तीय और आर्थिक संस्थान का भी वित्तीय नियोजन पर प्रभाव होते हैं। देश में स्थिति कैसी है तेजी की मदी है तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय माहौल कैसा है इसका अध्ययन एक वित्तीय नियोजन योजना तैयार करते समय किया जाना चाहिए। 


6. सरकारी नियंत्रण ( Government control) - वित्तीय योजना बनाते समय यह सोचना महत्वपूर्ण है कि सरकार व्यवसाय समुदाय की विभिन्न वित्तीय गतिविधियों पर नियंत्रण कैसे नियंत्रित करती है। भागों और बॉन्ड जारी करने, लाभाश का वितरण, ब्याज दरें, विदेशी सहयोग आदि पर सरकार का नियंत्रण है। इसलिए, वित्तीय नियोजन की योजना बनाते समय इस नियंत्रण पर विचार करना भी आवश्यक है।