शिक्षा एवं प्रशिक्षण: प्रत्यक्ष, दूरस्थ एवं अन्य वैकल्पिक माध्यम प्रत्यक्ष (Face to Face) शिक्षा - Education and Training: Direct, Distance and Other Alternative Means Direct Education
शिक्षा एवं प्रशिक्षण: प्रत्यक्ष, दूरस्थ एवं अन्य वैकल्पिक माध्यम प्रत्यक्ष (Face to Face) शिक्षा - Education and Training: Direct, Distance and Other Alternative Means Direct Education
वह शिक्षा जो विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चलती है, औपचारिक / प्रत्यक्ष शिक्षा कही जाती है । इस शिक्षा के उद्देश्य पाठ्यचर्या और शिक्षण विधियाँ, सभी निश्चित होते हैं। यह योजनाबद्ध होती है और इसकी योजना बड़ी कठोर होती है। इसमें सीखने वालों को विद्यालय, महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय की समय सारणी के अनुसार कार्य करना होता है। इसमें परीक्षा लेने और प्रमाण पत्र प्रदान करने की व्यवस्था होती है। इस शिक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। यह व्यक्ति में ज्ञान और कौशल का विकास करती है और उसे किसी व्यवसाय अथवा उद्योग के योग्य बनाती है।
कक्षा शिक्षण या प्रत्यक्ष शिक्षा में शिक्षण कार्य कक्षा के अंदर एवं बाहर दोनों रूप में होते हैं जिसमें अधिगमकर्ता पूर्ण रूप से सम्मलित एवं अभिप्ररित होते हैं । सक्रिय अधिगम अधिगमकर्ता को विचार करने एवं अंत : क्रिया में प्रश्नों, विचार-विमर्श, प्रस्तुतीकरण, अभिनय आदि के माध्यम से संलग्न रखता है । प्रत्यक्ष शिक्षा में हम सभी प्रकार के माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। इसमें दो या दो से अधिक शिक्षण माध्यमों का मिश्रण कर सीखनेवाले को सिखाया जा सकता है। इसमें शिक्षक एवं अधिगमकर्ता के मध्य सभी प्रकार के अंतः क्रिया जैसे श्रव्य, दृश्य, श्रव्य दृश्य, पहेली, वाद-विवाद आदि के द्वारा शिक्षा दी जाती है। इसमें शिक्षा से जुड़े सभी आयामों जैसे दार्शनिक, मनोवौज्ञानिक, सामाजिक, शिक्षण शास्त्रीय युक्तियों को संज्ञान में रखा जाता है। अतः शिक्षा एवं प्रशिक्षण का यह सशक्त माध्यम है।
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