पर्यावरण शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारक - Factors Affecting Environmental Education

पर्यावरण शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारक - Factors Affecting Environmental Education


यदि हम चाहते हैं कि हम और हमारी आने वाली पीढ़ियाँ प्राकृतिक संसाधनों की सुविधाओं का उपयोग कर सकें तथा पर्यावरण के सुरक्षा कवच से आच्छादित रहें तो यह आवश्यक है कि विद्यालय तथा उच्च शिक्षा स्तर पर ऐसे पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम की व्यवस्था की जाय जो अपूर्ण एवं प्रभावशाली हो तथा हमारे भावी जीवन की गुणवत्ता को बरकरार रख सके किन्तु एक समग्र एवं प्रभावशाली पर्यावरण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु हमें उन कारकों पर विशेष ध्यान देने क आवश्यकता है जो पर्यावरण शिक्षा को महत्पूर्ण ढंग से प्रभावित करते हैं । इस उप इकाई में आप पर्यावरण शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषणात्मक अध्ययन करेंगे।


समुदाय की आवश्यकता एवं रूचि


समुदाय की आवश्यकता एवं रूचि पर्यावरण शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विद्यालय या उच्च शिक्षा संस्थान जिस समुदाय में स्थित है

उस समुदाय की आवश्यकता के अनुरूप पर्यावरण शिक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए। पर्यावरण शिक्षा पाठ्यचर्या में ऐसे पर्यावरण समस्याओं, गतिविधियों, कार्यक्रमों तथा परियोजनाओं पर बल दिया जाना चाहिए जो समुदाय विशेष से जुड़ी हो। उदाहरणस्वरुप, यदि संस्थान पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है तो भू-स्खलन, मृदा क्षरण, बाढ़ आदि पर्यावरण समस्याएँ मुख्य रूप से पर्यावरण शिक्षा में सम्मिलित किये जाने चाहिए साथ-ही-साथ ऐसे शिक्षक या प्रशिक्षक तैयार किये जाने चाहिए जो आम लोगों तक पर्यावरण संबंधी सूचनाओं को सफलतापूर्वक पहुँचा सके। उन्हें उस समुदाय में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों के स्रोतों एवं उनकी उपादेयता, लोगों की जीवन शैली, खान-पान, व्यवसाय तथा भाषा की गहरी समझ होनी चाहिए ताकि वे समुदाय के लोगों को पर्यावरण समस्याओं से अवगत करा सकें तथा इन समस्याओं पर नियंत्रण हेतु आवश्यक ज्ञान कौशल तथा मूल्यों को विकसित कर सकें।