बजटरी नियन्त्रण की विशेषतायें - Features of Budgetary Control

बजटरी नियन्त्रण की विशेषतायें - Features of Budgetary Control


इसके अन्तर्गत निम्न क्रियायें सम्मिलित है:


(1) नियोजन इसका आशय प्रत्येक विभाग के लिए योजना बनाने अर्थात् उद्देश्य निर्धारित करने तथा इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नीति या नीतियां निर्धारित करने से होता है।


(2) समन्वय इसका आशय विभिन्न विभागीय योजनाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सम्पूर्ण व्यवसाय के लिए समन्वित बजट बनाने से है। बजटरी नियन्त्रण के अन्तर्गत प्रत्येक विभागाध्यक्ष अपने विभाग के लिए बजट तैयार करता है। इस विभागीय बजटों से एक मास्टर बजट बनाया जाता है जोकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है ।


(1) अभिलेखन : इसका आशय व्यवसाय की प्रत्येक क्रिया के वास्तविक निष्पादन का पुस्तकों में अभिलेखन से होता है। ये समंक ही तुलना का आधार होते हैं ।


(1) नियन्त्रण: नियन्त्रण के लिए वास्तविक निष्पादन की बजट के अंकों से तुलना की जाती है। 


(1) समीक्षा इसका आशय वास्तविक निष्पादन और बजट - प्रमापों में तुलना करने पर ज्ञात विचलनों के विश्लेषण से है। इसमें विचलन के कारणों और उनके लिए उत्तरदायी अधिकारियों की खोज की जाती है।


(1) अनुवर्तन: इसका आशय परिस्थितियों में सुधार करने के लिए तत्काल उपायों से हैं। प्रतिकूल विचलनों को रोकने तथा अनुकूल विचलनों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रबन्ध द्वारा कार्यवाही की जाती है। यदि विचलनों को दूर करना सम्भव नहीं तो योजना के लक्ष्यों में संशोधन किया जाता है।