विकास प्रक्रिया की विशेषताएँ - Features of the development process

विकास प्रक्रिया की विशेषताएँ - Features of the development process


1) विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। 


(2) विकास क्रमबद्ध तरीके से होता है।


3) विकास पूर्ण रूप में दिखता है।


4) विकास स्थूल स्थिति से सूक्ष्म स्थिति की ओर होता है। 


5) विकास के विविध अंगों की गति कम ज्यादा होती है।


(6) मनुष्य के विकास की गति शुरू में अधिक होती है।


(7) विभिन्न परिस्थिति और वातावरण का व्यक्ति के विकास पर प्रभाव पड़ता है।


8 ) विकास की कालावधि के बारे में सभी जानकारों का एक समान मत नहीं है।


1) विकास एक निरंतर प्रक्रिया है।


प्रत्येक व्यक्ति का विकास उसके प्राप्त अनुभव के द्वारा निरंतर घटित होता रहता है। व्यक्ति के जीवन में कई तरह की समस्याएँ आती हैं जिनको सुलझाने में व्यक्ति को विचार और तर्क के साथ निर्णय लेना पड़ता है जिससे बहुआयामी विकास घटित होता है।


2) विकास क्रमबद्ध तरीके से होता है।


विकास क्रमशः होता है।

उदाहरण के लिए बच्चा शुरू में एक-एक अक्षर का उच्चारण करता है, उसके बाद शब्द और वाक्य सीखता है और इस तरह वह बोलना सीखता है।


3) विकास पूर्ण रूप में दिखता है।


बच्चा बोलना आरम्भ करने से पहले बहुत से कार्यों को करने में सक्षम होते हैं। जैसे रोना, बडबडाना, हाव-भाव, संवेदनात्मक अभिव्यक्ति आदि इन्हें वह कर चुका होता है। 


4 ) विकास स्थूल स्थिति से सूक्ष्म की दिशा में आगे बढ़ता है।


बच्चे का विकास स्थूल से सूक्ष्म स्थिति की ओर अग्रसर होता है। उदाहरण के लिए बच्चा पहले चलना सीखता है। यह स्थूल विकास है और उसके बाद वह चलने का कौशल प्राप्त करता है, यह सूक्ष्म विकास है।

5) विकास के विविध अंगों की गति कम ज्यादा होती है। 


बच्चे के विकास के विविध अंगों यानि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा नैतिक विकास की गति विभिन्न अवस्थाओं में कम ज्यादा होती है। उदाहरण के लिए एक बच्चे के शारीरिक विकास की गति उसके मानसिक विकास से कम या ज्यादा हो सकती है।


6 ) शुरु में विकास की गति तीव्र होती है।


बच्चे के विकास की गति जीवन के आरंभिक अवधि में ज्यादा होती है। जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे विकास की गति धीमी होती जाती है। 


7) परिस्थितियों और वातावरण का व्यक्ति के विकास पर प्रभाव पड़ता है। 


विभिन्न परिस्थितियों और बातावरण में बढ़ने वाले बच्चे के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास में भिन्नता पायी जाती है।