पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र - field of environmental education

पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र - field of environmental education


पर्यावरण शिक्षा के घटकों को ध्यान में रखकर यह कहा जा सकता है कि पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र निम्नलिखित हो सकते हैं-


1. पर्यावरण तंत्र के विभिन्न तत्वों जैसे वायु, पानी, मिट्टी, वन, भूमि की आधारभूत संरचना एवं उपयोगिता का अध्ययन, पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य प्राणी का अध्ययन


2. पर्यावरण तथा मनुष्य के बीच होने वाली अंतः क्रिया तथा इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली पर्यावरण संबंधी समस्याएँ।


3. पर्यावरण संबंधी समस्याओं के प्रभावों का आकलन कि किस हद तक यह समस्याएँ मानव तथा अन्य जीवों के लिए हानिकारक या प्राणघातक हो सकती हैं।


4. पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु क्षेत्रीय राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे प्रोजेक्ट तथा कार्यक्रम, पर्यावरण तथा वन्य जीवन सुरक्षा संबंधी अधिनियम, कानून एवं उपाय, पर्यावरण संबंधी समस्या के समाधान में स्थानीय ज्ञान तथा जनजातीय समुदायों की भूमिका ।


5. पर्यावरण प्रबंधन मानक, अभिकरण तथा प्रोजेक्ट या योजना का नियोजन, निवेश एवं क्रियान्वयन । 

इस प्रकार हम देखते हैं कि पर्यावरण शिक्षा के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग एवं पारिस्थितिकी तंत्र, पर्यावरण संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता एवं इसके निवारण, पर्यावरण प्रबंधन आदि प्रकरणों को सम्मिलित किया जाता है। यह सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं तथा आम लोगों को उनके गतिविधियों के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले संभावित पर्यावरण संबंधी परिणामों से अवगत कराता है तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका भी स्पष्ट करता है।